अपनी जान देकर 38 लोगों की जिंदगी बचा गया नंद किशोर

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व्यूरो रिपोर्ट

मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी जिले के दयोड़ मोड पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के शिमला डिपो की बस पहाड़ी से टकरा गई। चालक ने जान देकर 38 लोगों की जिंदगी बचा ली।

मंडी जिले की कोटली तहसील के डंढाल गांव निवासी चालक नंद किशोर को बस की ब्रेक फेल होने का अंदेशा हो गया था। ब्यास नदी में गिरने से बचाने के लिए उसने बस दूसरी ओर मोड़ दी। इससे बस अनियंत्रित होकर सीधे पहाड़ी से टकरा गई। चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

बस मनाली से शिमला जा रही थी। पंडोह के दयोड़ मोड की उतराई में बस की ब्रेक नहीं लगी। बस में सवार दुनी चंद ने बताया कि चालक गियर को दबा रहा था ताकि उसे रोका जा सके।

जब बात नहीं बनी तो उसने बस को दूसरी ओर मोड़ दिया। रफ्तार तेज होने के कारण बस डिवाइडर को क्रास कर पहाड़ी से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस की सीटें ही उखड़ गईं।

बस में इजराइल के दो पर्यटक, तमिलनाडु के एक पर्यटक व उत्तर प्रदेश के लोगों सहित 24 पुरुष, 12 महिलाएं व दो बच्चे थे। हादसे के बाद मौके पर से गुजर रहे वाहनों में सवार लोगों ने घायलों को बस से निकाला। सभी घायल सड़क पर बैठा दिए गए।

हादसे में 13 वर्षीय बच्चे सहित एक अन्य घायल को मेडिकल कालेज नेरचौक रेफर किया गया है। आठ घायल नेरचौक में जबकि 30 घायल जोनल अस्पताल मंडी में उपचाराधीन हैं। घायलों में बस कंडक्टर भी शामिल है।

प्रशासन की ओर से चालक के स्वजन को 20 हजार रुपये सहित घायलों को दो लाख 48 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। हादसे की बाद परिवहन निगम ने बस की जांच के लिए तकनीकी कमेटी का गठन किया है।

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