स्वच्छ जल निकाय अभियान के तहत लोगों को जल स्रोतों और जल निकायों की स्वच्छता व संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए रील बनाने की अपील की गई है, अभियान के माध्यम से बेहतर रील बनाने वालों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
हिमखबर डेस्क
मत्स्य पालन विभाग द्वारा 20 सितंबर, 2026 से 31 अक्टूबर, 2026 तक “स्वच्छ जल निकाय अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पॉन्ड्स, झीलों, जलाशयों एवं अन्य जल निकायों की साफ-सफाई के साथ- साथ आम जनमानस को जल निकायों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा कूड़ा- कचरा न फैलाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
सहायक निदेशक मत्स्य नीतू सिंह ने आज यहां बताया कि “स्वच्छ जल निकाय, सुरक्षित जल और सुरक्षित जलीय जीवन” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए अभियान में भाग लेने वाले प्रतिभागी 30 सेकंड से 2 मिनट तक की एक छोटी रील बना सकते हैं। रील में विभिन्न गतिविधियों को दर्शाया जा सकता है।
इनमें जल निकाय एवं उसके आसपास की सफाई से पूर्व की स्थिति, प्रतिभागियों द्वारा की जा रही सफाई गतिविधियाँ, कूड़ा-कचरा एकत्र करना, पृथक्करण एवं अन्य स्वच्छता गतिविधियों तथा सफाई के पश्चात जल निकाय एवं उसके आसपास का स्वच्छ एवं साफ-सुथरे स्वरूप को फिल्माया जा सकता है।
रील में यह संदेश भी दिया जा सकता है कि जल निकायों के आसपास कूड़ा-कचरा न फैलाएँ, स्वच्छता बनाए रखें और जलीय जीवन की रक्षा करें। प्रतिभागी अपनी रील को फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स(ट्विटर) जैसे मीडिया प्लेटफार्म पर साझा कर विभाग को टैग कर सकते हैं
इसके लिए कुछ हैशटैग भी विभाग की ओऱ से सुझाए गए हैं, जिनमें @DO Fish HP @ dofishhp, #Clean Himachal Water Bodies, #MyWaterBodyMyResponsibility और #DontThrowGarbage #SaveAquaticLife इत्यादि शामिल हैं।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अनुरोध किया है कि जल निकायों की सफाई के दौरान अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा एवं स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। हाथों में दस्ताने अवश्य पहनें और पैरों में उपयुक्त एवं मजबूत जूते पहनें। नाक और मुँह को ढकने के लिए मास्क का प्रयोग करें। कूड़ा-कचरा उठाते समय सीधे हाथों से संपर्क करने से बचें।
सफाई के पश्चात हाथों को साबुन अथवा सैनिटाइज़र से अच्छी तरह साफ करें। इन सावधानियों का उद्देश्य प्रतिभागियों को कूड़े-कचरे, गंदे पानी अथवा अन्य संभावित हानिकारक पदार्थों के कारण होने वाले स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को 21 नवंबर, 2026 को मत्स्य पालन विभाग द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कारों में नकद राशि, प्रमाण पत्र, उपहार और स्मृति चिह्न शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अनुरोध किया है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें तथा अपनी रचनात्मकता एवं सहभागिता के माध्यम से जल निकायों की स्वच्छता, संरक्षण और जलीय जीवन की सुरक्षा का संदेश आम जनमानस तक पहुंचाएं।
जन-जागरूकता संदेश “मेरा जल निकाय, मेरी जिम्मेवारी। ” कूड़ा-कचरा न फैलाएँ, जल निकायों को स्वच्छ बनाएं । ” “जल निकाय स्वच्छ रहेंगे, तभी जल और जलीय जीवन सुरक्षित रहेगा।” का भी उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं प्रतिभागी यह भी सुनिश्चित करें कि किसी भी जल निकाय पर स्वच्छता अभियान के अंतर्गत सफाई गतिविधि प्रारंभ करने से पूर्व जलीय निकाय की सुरक्षा एवं सहभागिता की शपथ पत्र अनिवार्य रूप से भरवाया जाए।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक सफाई गतिविधि के संबंध में संक्षिप्त विवरण, कुल प्रतिभागियों की संख्या, हटाए गए कूड़े-कचरे की मात्रा, कचरे के निपटान/अपशिष्ट प्रबंधन की अपनाई गई विधि और सफाई पूर्व, दौरान एवं पश्चात लिए गए जियो-टैग्ड छायाचित्र भी अवश्य संलग्न करें।

