हिमखबर डेस्क
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में एक नाबालिग हिंदू लड़के के कथित धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, जिस नाबालिग लड़के का धर्म परिवर्तन कराया गया है वह उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का रहने वाला है।
लड़के के परिवार का आरोप है कि उसे झूठे बहाने से कश्मीर ले जाया गया और बाद में इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डाला गया। यह लड़का उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है।
सामने आई जानकारी के अनुसार, बिजनौर के सिटी कोतवाली इलाके के बखरपुर गांव के रहने वाले विशाल ने कश्मीर में इस्लाम अपना लिया है। उसने एक मस्जिद के अंदर, एक इमाम और गवाहों की मौजूदगी में इस्लामी धर्म को अपनाया। हालांकि, उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि उसका धर्म परिवर्तन जबरदस्ती करवाया गया था।
ऐसे हुआ खुलासा?
यह घटना तब सामने आई जब लड़के के धर्म परिवर्तन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में, नाबालिग को एक मस्जिद के अंदर, एक इमाम और कई अन्य लोगों की मौजूदगी में अपना धर्म बदलते हुए देखा गया।
इस्लाम अपनाने के बाद रिकॉर्ड किए गए एक अलग वीडियो में, नाबालिग को फूलों की माला पहनाकर स्वागत करते हुए भी देखा गया है।
नाबालिग के पिता ने लगाए जबरदस्ती के आरोप
उधर बिजनौर में विशाल के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में वसीम पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाए हैं। कृष्ण कुमार ने कहा कि मेरा बेटा नाबालिग है। काजीवाला परिवार के लियाकत के बेटे वसीम ने मेरे बेटे को सैलून का काम सिखाने के बहाने घर से ले गया था।
पिछले तीन चार सालों में वह समय-समय पर हर छह से आठ माह के अंतराल पर घर आता रहता था। इस दौरान उसने पैसे भी हमें दिए। हमें कोई शक नहीं हुआ कि वह इतना बड़ा कदम उठाएगा।
कृष्ण कुमार ने कहा कि हमे इस बारे में 15 तारीख को पता चला। इस दिन उसने इंस्टाग्राम के जरिए एक वीडियो भेजा जिसमें उसने बताया कि उसने इस्लाम धर्म अपना लिया है। मेरा बेटा अभी 17 साल और 4 महीने का है।
वहीं, दूसरी ओर वसीम की मां ने इन आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है। वसीम के मां ने कहा कि मेरा बेटा कभी कुछ ऐसा नहीं कर सकता। मैं लगातार वसीम के संपर्क में हूं। मेरे बेटे पर ये झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। विशाल पिछले ढाई साल से मेरे बेटे के साथ नहीं था।

