हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की अलग-अलग शिक्षा रिपोर्टों में हिमाचल देश के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हुआ है।
पीजीआई 2.0, एएसईआर-2024 और नेशनल अचिवमेंट सर्वे-परख 2025 रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में बच्चों की पढ़ाई, स्कूलों की सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। पीजीआई 2.0 रिपोर्ट 2024-25 में हिमाचल प्रदेश को 659.2 अंक मिले हैं।
इसके साथ ही फाउंडेशन लर्निंग में प्रदेश वन ऑफ दि बेस्ट परफॉर्मेंस स्टेट बन गया है। इस संबंध में प्रदेश ग्रेड-3 से ग्रेड टू पर पहुंचा है। प्रदेश ने फाउंडेशन लर्निंग ‘प्रचेष्टा-2’ श्रेणी देश की दूसरी सबसे बड़ी श्रेणी मानी जाती है।
हिमाचल ने देशभर में छठा और राज्यों में तीसरा स्थान हासिल किया है। पिछले साल के मुकाबले प्रदेश के अंकों में 85.4 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। 2023-24 में हिमाचल का स्कोर 573.8 था, जो अब बढक़र 659.2 पहुंच गया। इससे प्रदेश की रैंकिंग 13वें स्थान से बढक़र सीधे छठे स्थान पर पहुंच गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का विलय, शिक्षकों की भर्ती, स्कूल प्रबंधन में सुधार, डे बोर्डिंग स्कूल योजना और बच्चों-शिक्षकों के एक्सपोजर विजिट जैसी योजनाओं का सकारात्मक असर देखने को मिला है।
लगातार बेहतर हो रहे नतीजों से साफ है कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
पढ़ाई और सुविधाओं में सुधार
रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की पढ़ाई के स्तर में सबसे ज्यादा सुधार देखने को मिला है। ‘लर्निंग आउटकम एंड क्वालिटी’ में हिमाचल का स्कोर 54.2 से बढकऱ 117.9 हो गया। वहीं स्कूलों की सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार दर्ज किया गया है। इक्विटी, एक्सेस और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में भी हिमाचल का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है।
जिलों ने भी किया शानदार प्रदर्शन
पीजीआई-डी रिपोर्ट में हिमाचल के 12 में से 11 जिलों ने ‘उत्तम-3’ श्रेणी हासिल की। हमीरपुर प्रदेश का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला बना। वहीं जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति ने भी शानदार सुधार दिखाया।
एसर रिपोर्ट में भी हिमाचल आगे
एएसईआर-2024 रिपोर्ट में सरकारी स्कूलों के बच्चों की पढऩे की क्षमता में हिमाचल देश के टॉप राज्यों में शामिल रहा। कक्षा पांच के 64.8 प्रतिशत बच्चे कक्षा दो की किताब आसानी से पढ़ पाए। वहीं 14 से 16 साल के 94.3 प्रतिशत बच्चों के पास स्मार्टफोन की सुविधा भी पाई गई। स्कूलों में लाइब्रेरी सुविधा उपलब्ध कराने में भी हिमाचल देश में तीसरे स्थान पर रहा।
एनएएस परख रिपोर्ट में टॉप-5 में जगह
एनएएस-परख 2025 रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश ने देशभर में पांचवां स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि कक्षा तीन के बच्चों के प्रदर्शन में हिमाचल राज्यों में पहले स्थान पर रहा। कक्षा छह और कक्षा नौ के परिणामों में भी हिमाचल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा।

