हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के ननखड़ी की नीरथ पंचायत के शरण गांव में भालू ने एक माह से आतंक मचा रखा है। सोमवार देर रात को शरण गांव में गोशाला का दरवाजा तोड़ कर भालू गोशाला में घुसा और दर्शन दास की गाय को मौत के घाट उतारा।
वहीं दूसरी ओर साथ लगते हुए बगीचों में सुरेश कुमार के प्लम के 20 फलदार पेड़ तबाह कर डाले। फसल के साथ साथ पेड़ों को भी क्षति पहुंचाई है। ग्रामीण बीते एक माह से डर के साये में जीने को मजबूर हैं। भालू के आतंक से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणें का कहना है कि रात को जाग-जाग कर निगरानी करने के बावजूद भी भालू नुकसान पहुंचा रहा है। शरण गांव के निवासी राजेश कुमार ने कहा कि कुछ दिन पहले भी इसी स्थान पर एक छोटे भालू को पिंजरे में पकड़ा गया और अभी भी क्षेत्र में 5 से 6 भालू देखे जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से आग्रह किया है कि शीघ्र समस्या का समाधान किया जाए, ताकि जनता को निजात मिल सके।
रेंज अधिकारी ननखड़ी नरेंद्र ठाकुर के बोल
उधर, रेंज अधिकारी ननखड़ी नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि भालू के हमले से गाय की मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई है। भालू को पकडऩे के लिए पिंजरे लगाए जा रहे हैं और साउंड सिस्टम लगाया जा रहा है।

