हिमखबर डेस्क
कड़ी मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के सामने कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। हिमाचल पुलिस में कार्यरत इंस्पैक्टर संजीव कुमार ने यह साबित कर दिखाया है। उन्होंने देश की सबसे कठिन माने जाने वाली यूपीएससी परीक्षा को उत्तीर्ण कर ऑल इंडिया रैंक 844 हासिल किया है।
वर्तमान में संजीव कुमार नाहन में विजिलैंस में जांच अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। कांगड़ा जिले की नूरपुर तहसील से संबंध रखने वाले संजीव कुमार (30) ने वर्ष 2020 में पुलिस में सब-इंस्पैक्टर के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी।
पुलिस सेवा की व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने अपने सपने को जिंदा रखा और लगातार मेहनत करते हुए आखिरकार यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर ली।
संजीव साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
संजीव कुमार की पत्नी रितु चौधरी उनका हर परिस्थिति में साथ देती रही हैं। उनका अढ़ाई वर्ष का बेटा कर्मण्य भी है, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
संजीव कुमार ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, पत्नी, भाई विकास कुमार सहित पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया है। उन्होंने 5वें प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
संजीव ने बताया कि वह पहले एचएएस की तैयारी करते रहे। एचएएस की प्रारंभिक परीक्षा उन्होंने 5 बार उत्तीर्ण की, 2 बार मुख्य परीक्षा दी और एक बार साक्षात्कार तक भी पहुंचे, लेकिन अंतिम रूप से चयनित नहीं हो सके।
इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य की ओर प्रयास करते रहे। संजीव कुमार के अनुसार उन्होंने वर्ष 2017-18 से ही प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी थी।
वर्ष 2020 में वह हिमाचल पुलिस में सब-इंस्पैक्टर के पद पर नियुक्त हुए। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने ऊना और मंडी में सेवाएं दीं और वर्तमान में विजिलैंस नाहन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
संजीव ने बताया कि पुलिस सेवा के दौरान भी उन्हें पढ़ाई के लिए थोड़ा-बहुत समय मिल जाता था। वर्ष 2024 में उन्होंने दोबारा पूरी गंभीरता के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की।
विजिलैंस में तैनाती के दौरान सुबह-शाम पढ़ाई करने का अवसर मिलता था, जबकि सप्ताहांत का समय भी वह पढ़ाई में लगाते थे। संजीव ने बताया कि इस दौरान पुलिस विभाग के अधिकारियों का भी उन्हें पूरा सहयोग मिला।
लगातार मेहनत, परिवार के समर्थन और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने आखिरकार यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने यूजीसी नैट, सैट और जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण की है।
इसके अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर चुके हैं, जिसका अनुभव उन्हें यूपीएससी की तैयारी में काफी काम आया।
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत के साथ निरंतर प्रयास किया जाए तो सफलता अवश्य मिलती है।

