चुनावों में हारे नकारों को नहीं बनाया जाना चाहिए किसी बोर्ड या निगम का अध्यक्ष, बदले की भावना से करते हैं काम

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हिमखबर डेस्क

पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने प्रेस वार्ता में कहा कि जब भी किसी भी राजनीति दल की सरकार सत्ता में आती है, तो चुनावों में हारे नकारों को फायदा पहुंचाने के लिए बोर्डों और निगमों का अध्यक्ष बनाकर चुनाव जीते हुए विधायकों से भी अधिक मान सम्मान एवं सुख सुविधाएं देकर सरकारी खजाने पर बोझ डाला जाता है।

जिससे एक तो अपने ही दल के जीते हुए विधायकों का मनोबल गिरता है और ऊपर से जब चुनावों में हारे नकारे बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष बन जाते हैं, तो अपने चुनाव क्षेत्र की जनता से भेद-भाव का पैमाना अपना कर जनता को प्रताड़ित करने का काम करते हैं।

जिससे जनता में रोष की भावना सत्ताधारी दल के प्रति पहले से भी ज्यादा बढ़ जाती है और मतों का आंकड़ा सत्ताधारी दल का कम और विपक्षी दल का बढ़ जाता है।

अतः बोर्डों निगमों के अध्यक्ष नए चेहरों को जो आगामी चुनावों में संभावित टिकटार्थी के रूप में देखे जा रहे हों, उन्हें ही अपना जनाधार मजबूत करने के लिए किसी बोर्ड या निगम का अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए, ना कि चुनावों में हारे निकारों को।

ऐशो आराम करने एवं वित्तीय रूप से साधन संपन्न बनाया जाने के लिए कुर्सी पर बिठा कर अपनी ही पार्टी को कमजोर करना चाहिए।

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