हिमखबर डेस्क
माता लक्ष्मी की आराधना का पर्व दीपावली नजदीक आ गया है। दीपावली के दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं। घरों में दिए जलाते हैं, अलग-अलग रंग बिरंगी रोशनी से घर को चमका देते हैं। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है।
साथ ही लोग अपने घर के बाहर रंगोली भी बनाते हैं लेकिन इस दिन रंगोली बनाने के पीछे भी अलग धार्मिक महत्व माना जाता है और लोग जो रंगोली बनाते हैं। उसमें अगर वह माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने वाली रंगोली बनाएं तो उन्हें मनोवांछित वर की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषाचार्य अमित कुमार शर्मा बताते हैं कि दीपावली के दिन बनाई जाने वाली रंगोली काफी खास होती है और कुछ बातों का ध्यान रखकर ही रंगोली बनानी चाहिए। ज्योतिषाचार्य अमित कुमार शर्मा बताते हैं कि दीपावली के दिन रंगोली का निर्माण किया जाता है लेकिन इस दिन हमें रंगोली के रूप में क्या बनना चाहिए, यह बहुत कम लोग जानते होंगे।
उन्होंने कहा कि दीपावली के दिन लोगों को अपने घर के सामने या जिस घर में माता-लक्ष्मी की पूजा हो रही हो उसके सामने उनके चरण पादुका का निर्माण करना चाहिए। रंगोली बनाने के दौरान लाल रंग का इस्तेमाल करना शुभ माना गया है और लाल रंग माता लक्ष्मी का होता है इसलिए उनके चरण पादुका लाल रंग से ही बनना चाहिए।
इसके अलावा अष्टदल कमल का निर्माण कर उसमें दीप जलाना चाहिए। दीपावली के दिन घर के दरवाजे पर संध्या काल में लाल रंग से माता लक्ष्मी की चरण पादुका बनानी चाहिए। इससे माता लक्ष्मी के आने का प्रादुर्भाव होता है और सुख समृद्धि के प्रतीक के रूप में माता लक्ष्मी घर में वास करती है।
अलग-अलग रंग के चावल से देवता की होती है पूजा
ज्योतिषाचार्य मनोहर आचार्य ने बताया कि घर के अंदर चावल को रंगकर भी रंगोली बनाना चाहिए। पीले चावल से भगवान विष्णु की पूजा होती है। लाल रंग से भगवान रुद्र की पूजा होती है। हरे रंग के चावल से रंगोली बनाने से व्यापार की वृद्धि होती है। काले रंग के चावल से रंगोली बनाने से महारुद्र की पूजा होती है।
घर में जब भी रंगोली बनाई जाए तो माता लक्ष्मी को विष्णु के साथ, माता लक्ष्मी को रुद्र के साथ, माता लक्ष्मी को कुबेर के साथ और माता लक्ष्मी को गणेश के साथ रंगोली में शामिल करना चाहिए। इसके अलावा स्वास्तिक और शुभ लाभ भी बनाना चाहिए। इससे माता लक्ष्मी के साथ-साथ रिद्धि-सिद्धि की भी पूजा हो जाती है।

