हिमखबर डेस्क
थुनाग मंडी ज्यों ज्यों प्रदेश में पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं त्यों त्यों नए नए किस्से सुनने को मिल रहे हैं कहीं पति-पत्नी चुनावी रण में उतरे हैं तो कहीं पुत्र -पिता। चुनाव में खड़े होने उम्मीदवार का कुछ नहीं जाता सबसे ज्यादा उलझनें वोट डालने वाले मतदान करने वाले मतदाता को होती है।
सराज में पंचायत चुनावों में इस बार रिश्तों से ज्यादा राजनीति हावी नजर आ रही है। सराज विधानसभा क्षेत्र के केओली पंचायत में वार्ड सदस्य बनने के लिए ननद और भाभी आमने-सामने उतर गई हैं। चुनावी मुकाबला इतना दिलचस्प हो गया है कि अब पूरा गांव के साथ साथ समूचे सराज में इसी चर्चा में जुटा हुआ है।
घर की चौखट से शुरू हुई यह सियासी जंग अब पूरे वार्ड में चर्चा का विषय बन चुकी है। एक ओर ननद अपने समर्थन में महिलाओं और युवाओं को जोड़ने में जुटी है, तो दूसरी ओर भाभी भी घर-घर जाकर वोट मांग रही हैं।
सबसे ज्यादा दिक्कत गुलशन को आ रही जिसकी एक ओर पत्नी खीरामणी जिसके साथ पूरा जीवन बीताना हो और दूसरी ओर वो सगी बहन बीना देवी जिसके साथ पूरा बचपन साथ गुजारा है, सबसे ज्यादा उलझन उसके घरवालों को है।
गुलशन के पिता लाल मन मां लीला देवी सर्वसम्मति का कहना है कि किसका साथ दे बेटी का या बहू का हम उलझन में हैं इसी दुविधा में दिखाई दे रहे हैं। गांव में लोग चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि “इस चुनाव ने एक ही घर को दो खेमों में बांट दिया है।” रिश्तेदार भी खुलकर किसी एक पक्ष में आने से बच रहे हैं।
चुनावी माहौल इतना गर्म है कि सुबह-शाम घर के बाहर समर्थकों की भीड़ लग रही है। महिलाएं भी इस मुकाबले को लेकर खासा उत्साहित नजर आ रही हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस पारिवारिक चुनावी संग्राम में जीत किसकी होती है ननद की या भाभी की। फिलहाल गांव में यही चर्चा सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही है

