कांगड़ा जिले के गुजरेहड़ा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का राज्यपाल ने किया दौरा, ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: काविंदर गुप्ता
हिमखबर डेस्क
राज्यपाल काविंदर गुप्ता ने आज कांगड़ा जिले के गुजरेहड़ा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का दौरा कर विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से संवाद किया तथा प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
दौरे के दौरान राज्यपाल ने विद्यालय के शैक्षणिक माहौल, आधारभूत सुविधाओं तथा दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित स्कूलों को पेश आ रही चुनौतियों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय बातचीत करते हुए उन्हें समर्पण और आत्मविश्वास के साथ शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और राज्य के दूरस्थ एवं ग्रामीण विद्यालयों में शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बेहतर कक्षाओं, स्वच्छता सुविधाओं, डिजिटल शिक्षण संसाधनों तथा अनुकूल शैक्षणिक वातावरण की आवश्यकता पर भी बल दिया।

काविंदर गुप्ता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 तथा PGI-D 2024-25 रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए देशभर में छठा तथा राज्यों की श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
राज्यपाल ने साथ आए अधिकारियों के साथ उपलब्ध संसाधनों और मानवबल के बेहतर उपयोग के लिए स्कूलों के रणनीतिक क्लस्टर गठन (Strategic Clubbing) की अवधारणा पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने, विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने तथा शिक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा एक प्रगतिशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और शिक्षकों से युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन में समर्पण एवं निष्ठा के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। उन्होंने दूरदराज एवं कठिन क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए समाज के प्रति उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
इस दौरान शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी राज्यपाल के साथ मौजूद रहे।

