कोटला – स्वयम
बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक उत्सव दशहरा मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के कोटला, त्रिलोकपुर, जौंटा, भाली, कुठेहड़, वग्गा, खज्जिया और हारचक्कियां गांवों में झांकियां निकाली गई। इस अवसर पर कोटला में नन्हे नन्हे बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई। सैंकड़ों लोगों ने इन प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया।

शाम होने से पहले राम, लक्ष्मण की सेना और रावण की सेना में भयंकर युद्ध के दृश्य मंचित किए गए। रावण बुराई का प्रतीक था। रावण, कुंभकरण और मेघनाद के युद्ध में मरने के दृश्यों के मंचन के बाद रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों के जलाया गया
त्रिलोकपुर में सदियों से चली आ रही परम्परा के तहत् एकमात्र रावण के पुतले का दहन कर दशहरा उत्सव मनाया गया।

