पेलियो म्यूजियम घुमारवीं में छाए चंबा के कवि, आयोजित हुआ कवि सम्मेलन मानव विकास यात्रा का लिया जाएजा।
चम्बा – भूषण गूरूंग
पेलियो म्यूजियम घुमारवीं, बिलासपुर में अखिल भारतीय साहित्य परिषद की बिलासपुर इकाई के सौजन्य से आयोजित हुए राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन में चंबा के कवियों ने अपनी प्रस्तुतियां दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध मानव विज्ञानी एवं कवि डॉ अनेक राम संख्यान ने किया। मंच संचालन श्री रविन्द्र शर्मा ने किया।
इसमें चंबा के पांच शिक्षक कवि शामिल रहे जिनमें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक श्री युद्धवीर टंडन, राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त शिक्षक आशीष बहल, नवाचारी और ख्याति प्राप्त शिक्षक कवियों किरण कुमार वशिष्ठ, शाम अजनबी, पवन कुमार ने भाग लिया।
उपरोक्त कवियों ने क्रमश जीवन भर करूं पराए होने की प्रतीक्षा फिर मेरी ही क्यों होती है अग्नि परीक्षा, क्या कोई त्यौहार सजा है, काश तुम मालिक न बनते,
अपनी राधा की खातिर कान्हा फिर हो जाओ केशव, खड़ा हूं सीना तान तू वार कर प्रहार कर नामक अपनी रचनाएं पटल पर रखी। सभी की रचनाओं को दर्शकों की वाहवाही प्राप्त हुई।

इसके अतिरिक्त कवि सम्मेलन में श्री रविंद्र शर्मा, डॉक्टर अनेक राम संख्यान, रचना चंदेल, बृजलाल लखनपाल, वीणा वर्धन, डॉ रसना ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद के चंबा इकाई के चंबा इकाई के महासचिव श्री युद्धवीर टंडन और चंबा इकाई के अन्य उपरोक्त सदस्यों ने बिलासपुर इकाई का उनके स्वागत और सत्कार के लिए हार्दिक धन्यवाद किया।
बिलासपुर ईकाई के अध्यक्ष डॉ अनेक राम संख्यान ने चंबा के सभी कवियों को अपनी नई पुस्तक काव्य शतांजलि समीक्षा हेतु भेंट की।
इसका काव्य सम्मेलन के साथ-साथ ही आगंतुकों ने मानव की विकास यात्रा को दर्शाता हुआ मानव विकास यात्रा म्यूजियम “पेलिओ म्यूजियम” का भी भ्रमण किया।
म्यूजियम में डॉ अनेक राम द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान खुदाई से प्राप्त हुई लाखों वर्ष पुरानी पुरातात्विक चीजों का भी अवलोकन कराया गया।
जिसमें कि पाषाण काल में मानव द्वारा प्रयोग किए गए पाषाण औजार, मानवीय अवशेष, पशु अवशेष, सिंधु घाटी सभ्यता से प्राप्त दुर्लभ पुरातत्व अवशेषों का अवलोकन किया तथा उत्कृष्ट संग्रहालय स्थापित करने के लिए बधाई दी।

