हिमखबर डेस्क
रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (किन्नौर स्थित) ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास और 7 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी की पहचान प्रवीण पुत्र कपिल देव निवासी जिला कुल्लू के रूप में हुई है।
जिला उप न्यायवादी कमल चंदेल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना 21 जून, 2025 की है। उस दिन पीड़िता स्कूल गई थी, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी। परेशान परिजनों ने जब स्कूल जाकर अध्यापक से पूछताछ की तो उन्हें पता चला कि पीड़िता उस दिन स्कूल पहुंची ही नहीं थी।

इसके बाद पीड़िता की माता ने उसकी तलाश शुरू की तो वह उन्हें बस स्टैंड पर मिली। पूछताछ करने पर पीड़िता ने अपनी माता को पूरी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि आरोपी प्रवीण उसे अपने क्वार्टर ले गया था, जहां उसने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए।
इस मामले में सरकारी पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए अदालत में करीब 17 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी प्रवीण को दुष्कर्म का दोषी पाया। अदालत ने उसे 10 साल के कठोर कारावास और 7000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।

