हिमखबर डेस्क
हेलो गाइस…से शुरू होने वाली वीडियो, गालियों पर खत्म होने वाले रील और व्यूज के लिए मर्यादा की हर सीमा लांघने वाले तथाकथित ‘Influencers’…अब संभल जाओ! क्योंकि हिमाचल में अब ‘लाइक’ नहीं, ‘एफआईआर’ मिलेगी।
देवभूमि की शांत वादियों में अश्लीलता और द्विअर्थी कंटेंट का जो जहर घोला जा रहा था, उस पर अब प्रशासन ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ के जरिए नकेल कस दी है। हैरानी तो इस बात की है कि इस भद्दे खेल में सबसे आगे वो चेहरे हैं, जिन्हें युवा अपना आदर्श मानते थे। गालियां देना, विवाद खड़ा करना और अपनी निजी जिंदगी का तमाशा बनाना…क्या यही कंटेंट है?
हद तो तब हो गई जब व्यूज की भूख में देश के गौरव, भारतीय सेना तक पर अभद्र टिप्पणियां की जाने लगीं। इसी विवाद ने इस मुहिम को और तेज कर दिया। सोचिए, किशोरावस्था से गुजर रही हमारी अगली पीढ़ी पर इस भड़काऊ और घटिया सामग्री का क्या असर पड़ रहा होगा? क्या हम अपनी आने वाली नस्लों को यही संस्कार दे रहे हैं?

इस गंद को साफ करने का जिम्मा उठाया है, सहायक लोक संपर्क अधिकारी अजय बन्याल ने। ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत अब सोशल मीडिया यूजर्स खुद पुलिस के साथ मिलकर इन जहरीले अकाउंट्स को रिपोर्ट कर रहे हैं। शिमला की ‘Unfiltered Vaani’ हो या इशिता पुंडीर, कानून का हाथ अब सबके गिरेबान तक पहुंच रहा है। आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई तेज है और रील बनाने वाले अब थाने में माफी मांग रहे हैं।
सोशल मीडिया एक ताकत है, इसे समाज को बेहतर बनाने का जरिया बनाइए, तमाशा नहीं। अगर आप भी ऐसा कंटेंट देखते हैं जो हमारी संस्कृति और युवा पीढ़ी के लिए खतरा है, तो चुप मत रहिए।
रिपोर्ट कीजिए! क्योंकि याद रखिए, देवभूमि की मर्यादा से बड़ा कोई ‘ट्रेंड’ नहीं हो सकता।

