हिमखबर डेस्क
इंसान चाहे आसमान की कितनी भी ऊंचाइयों को क्यों न छू ले, वह अपने स्कूल और शिक्षकों को कभी नहीं भूलता। कुछ ऐसा ही गौरवमयी नजारा घुमारवीं के मिनर्वा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में देखने को मिला जब विद्यालय की पूर्व छात्रा महिमा शर्मा फ्लाइंग ऑफिसर बनने के बाद अपने स्कूल पहुंचीं।
अपनी इस होनहार छात्रा को भारतीय वायुसेना के अधिकारी के रूप में अपने बीच पाकर स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। वर्ष 2017-18 बैच की छात्रा रहीं महिमा शर्मा के स्कूल पहुंचने पर विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने उनका बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
इस खास मौके पर स्कूल में विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी संवाद सत्र का आयोजन किया गया। महिमा ने जूनियर छात्रों के साथ बातचीत कर अपने अनुभव सांझा किए और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए फ्लाइंग ऑफिसर महिमा शर्मा ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कठिन परिश्रम, कड़ा अनुशासन, खुद पर अटूट आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उनकी इन बातों ने स्कूली बच्चों में एक नया जोश भर दिया।
बता दें कि शिमला जिले के कुमारसैन की रहने वाली महिमा शर्मा ने एएफसीएटी परीक्षा उत्तीर्ण कर वायुसेना में अपनी जगह बनाई थी। एयर फोर्स अकादमी डुंडीगल हैदराबाद से अपना कठिन सैन्य और उड़ान प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने 15 दिसम्बर 2025 को राजस्थान के एयर फोर्स स्टेशन जोधपुर में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। अपनी ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद वह हाल ही में अपने स्कूल पहुंची थीं।

