लंज में रामलीला मंचन देखने उमड़े लोग, रावण वध के साथ होगा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन, पहाड़ी गायक सुनील राणा करेंगे शिरकत
लंज – अमित शर्मा
शरद नवरात्री में चंगर क्षेत्र के लंज व हारचकियाँ में रामलीला आयोजन की धूम है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन किया जा रहा है।
देर रात तक दर्शक मंच पर कलाकारों के सुंदर अभिनय के माध्यम से प्रभु की लीला देख रहे हैं।

लंज के साथ लगते मैदान में चल रहे श्रीराम लीला महोत्सव के तहत सातवीं संध्या में सरूपनखा के नखरे एवं लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटना, खरदूषण का मदिरालय एवं सीता हरण, जटायु का रावण से युद्ध, के दृश्यों का मंचन किया गया।
सीता हरण को देखकर श्रद्धालुओं की आंखे भर आई। प्रभु श्रीराम के पंचवटी निवास के दौरान वहां रावण की बहन सरूपनखा प्रभु की सुंदरता पर मोहित हो जाती है। जिस पर वह प्रभु श्रीराम के सामने शादी का प्रस्ताव रखती है।
जिस प्रभु श्रीराम अस्वीकार कर देते हैं। इसके बाद वह भैय्या लक्ष्मण के पास आती है और शादी का प्रस्ताव रखती है। लक्ष्मण भी उसके प्रस्ताव को अस्वीकार कर देते हैं और उसकी नाक काट देते हैं।
इस पर सूपर्णखा रोते हुए अपने भ्राता रावण के पास जाती है और बेइज्जती करने की बात कहती है। इस बात पर रावण क्रोध में आ जाता है और मारीच को हिरन का वेष धारण कर वन में भेजता है।
जहां मारीच हिरन बनता है तो माता सीता उसे पकड़ने का अनुरोध करती है। प्रभु श्रीराम लक्ष्मण को पंचवटी में माता सीता की रक्षा करने के वहीं छोड़ देते हैं।
कुछ ही देर में लक्ष्मण-लक्ष्मण की आवाज सुनकर माता सीता लक्ष्मण को मौके पर भेजकर जांच करने की बात कहती है। लक्ष्मण पंचवटी में लक्ष्मण रेखा खींचकर प्रभु श्रीराम की तलाश करने के लिए निकल पड़ते हैं।
इसी दौरान रावण साधु का वेष धारण कर मौके पर आता है और भिक्षा की मांग करता है। जब माता सीता लक्ष्मण रेखा पार कर साधु के भेष में आए रावण के पास आती है तो रावण उनका हरण कर लेता है।

उसके बाद रावण से गीद्धराज जटायु की लड़ाई होती है और इस लड़ाई में जटायु घायल हो जाता है और रावण सीता को हरण कर लंका में लेकर चला जाता है। और सुग्रीव से राम की भेंट, बाली की मौत हनुमान का वाटिका में पहुंचना, लंका दहन, के दृश्यों को सुंदर ढंग से दर्शाया गया।
दशहरा कमेटी के प्रधान विनोद व राम लीला कमेटी प्रधान गुगलु धीमान ने बताया कि राम का अभिनय सक्षम ,लक्ष्मण का ईशु , लंकापति रावण का अभिनय , सोनू, सरूपनखा का अभिनय अभिषेक एवं जटायु का अभिनय सुनील जडोरिया एवं अन्य पात्रों का अभिनय विनय डोगरा, जन्म सिंह,सुनील जडोरिया ,मौनु गुलेरिया आदि ने बहुत ही सुन्दर तरीके से निभाया।
उन्होंने बताया कल रावण वध के साथ सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा जिसमे पहाड़ी स्टार गायक सुनील राणा मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक संध्या में ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनायें।

