मंजिल तक पहुंचाने से पहले साथ छोड़ रहीं एचआरटीसी, किसी की लग गई है नजर- निगम प्रबंधन

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चम्बा- भूषण गुरुंग

जिले में परिवहन निगम को आखिर किस की नजर लग गई है। निगम प्रबंधन के अलावा लोग भी इस बात को नहीं समझ पा रहे हैं। हर दिन किसी न किसी मोड़ पर दम तोड़ रही निगम की बसों से परेशान यात्रियों का एचआरटीसी पर बना विश्वास व भरोसा टूट रहा है।

उच्च वर्गो के अलावा साधन संपन्न लोग तो खुद की गाड़ियों से गंतव्य सहित मंजिल तक आराम से पहुंच रहे हैं, लेकिन गरीब व निचले तबके से संबंध रखने वाले लोगों के लिए जरूरी कार्य, गंतव्य सहित मंजिल तक पहुंचने के लिए बस सेवा ही एक मात्रा सहारा हैं।

लिहाजा रास्ते में हांफ रही निगम की बसों में सवार बुजुर्ग, बीमार लोग, महिलाएं बच्चे युवा हर कोई परेशानी में फंस रहा है ओर वह भी ऐसे समय में कि गंतव्य व मंजिल तक पहुंचने के लिए उस मार्ग पर उन्हें न तो किसी ओर बस की उम्मीद है, ओर न ही अन्य तरह के वैकल्पिक साधन की।

ऐसे में अधर में लटके लोग यह तो पैदल ही मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं, यह फिर न चाहते हुए भी उन्हें भारी भरकम किराया खर्च कर टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है। यह लोग सरकार, प्रशासन व निगम प्रबंधन से स्थिति में सुधार लाकर सुचारू सेवा की मांग कर रहे हैं।

शंकर सिंह ठाकुर, प्रदेश पूर्व अध्यक्ष परिवहन मजदूर संघ के बोल 

पिछले चार वर्षो से निगम के बेड़े में एक भी नई बस नहीं आई है, ऐसे में पुरानी एवं माइलेज पूरी कर चुकी बसों के सहारे की निगम को चलाया जा रहा है।

चंबा में निगम के पास 15 से 20 गाड़ियां ऐसी हैं जो चलने की स्थिति में न होने के कारण कई दिनों से वर्कशाप में खड़ी हैं। जो गाड़ियों दौड़ रही हैं, उन्हें जरा भी आराम नहीं मिल रहा है।

एक रूट पर भेजने के बाद अभी गाड़ी ठंडी नहीं होती ओर उसे ही दूसरे रूट पर भेजा जा रहा है। ऐसे में निगम प्रबंधन खुद भी परेशान है। पिछले साढ़े चार वर्षो से निगम के बेड़े में एक भी बस नहीं जुड़ पाई है। माइलेज पूरी कर चुकी कंडम गाड़ियों को जबरदस्ती सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है।

बड़े शहरों में करोड़ों की कीमत की बिजली चलित गाड़ियां लाई जा रही हैं, जबकि दूसरी ओर निगम की हालत दिन व दिन बदतर होती जा रही है। जो चिता का विषय है।

नवीन तंवर, उपमंडल अधिकारी चंबा के बोल 

गाड़ियों की तकनीकी खराबी जांचने के बाद उन्हें रूट पर भेजा जाता है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके ओर उन्हें अधर में न लटकना पड़े।

राजन जम्वाल, क्षेत्रीय प्रबंधक चंबा के बोल 

तकनीकी खराबी जांचने के साथ उन्हें ठीक करने के बाद ही गाड़ियों को रूट पर भेजा जाता है। बावजूद इसके भी कुछ गाड़ियां रास्ते में खराब हो रही हैं जो चिंता का कारण है। लोगों को बेहतर सुविधा मिला यही निगम प्रबंधन का हर समय प्रयास रहता है।

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