जसवां प्रागपुर : ग्राम रोजगार सेवकों के तबादले करने के बाद वापस लिए आदेश, सियासत गर्माई

--Advertisement--

Image

विकास खंड प्रागपुर में ग्राम रोजगार सेवकों के तबादलों के आदेश और फिर उन्हीं आदेशों को वापस लेने के बाद जसवां प्रागपुर की राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं ने इस तरह की गई कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

व्यूरो रिपोर्ट

विकास खंड प्रागपुर में ग्राम रोजगार सेवकों के तबादलों के आदेश और फिर उन्हीं आदेशों को वापस लेने के बाद जसवां प्रागपुर की राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं ने इस तरह की गई कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है तो भाजपा ने इस मुद्दे को राजनीति से प्रेरित बताते हुए पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।

विकास खंड में इस समय 23 ग्राम रोजगार सेवक कार्यरत हैं। विकास खंड अधिकारी वीरेंद्र कौशल ने समस्त ग्राम रोजगार सेवकों के तबादला आदेश जारी कर दिए। ब्लॉक के ग्राम रोजगार सेवकों को राजनीतिक आधार पर ट्रांसफर कर दिया है।

ऐसा आरोप भाजपा के मंडल अध्यक्ष विनोद शर्मा ने लगाया है। उनके मुताबिक इन ट्रांसफरों में पिक एंड चूज की नीति अपनाई गई तथा 7 दिन के भीतर उन्हें कार्यभार संभालने के आदेश भी जारी कर दिए। राजनीतिक आधार पर हुए इन तबादलों को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ चुके थे लेकिन शाम होते ही यह आदेश दोबारा वापस ले लिए गए।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के पास पहुंचा मामला

जसवां प्रागपुर क्षेत्र से संबंध रखने वाले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेंद्र शर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव विक्रम शर्मा डिक्की के अलावा प्रागपुर जोन से कांगड़ा सैंट्रल को-ऑप्रेटिव बैंक के डायरैक्टर लेखराज कंवर ने भी बीडीओ के इन आदेशों के खिलाफ आवाज बुलंद कर जवाब मांगा है कि किस राजनेता के इशारे पर समस्त ग्राम रोजगार सेवकों को ट्रांसफर किया।

ट्रांसफर हुए ग्राम रोजगार सेवकों का मामला ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के पास भी पहुंच चुका है। वहीं इस बारे में बीडीओ ने कहा रोजगार सेवकों के तबादले गाइडलान के अनुसार ही किए थे।

क्या कहते हैं ग्राम रोजगार सेवक संघ प्रागपुर के अध्यक्ष

इस बारे जब ब्लॉक के अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि हमारा ब्लॉक पिछले 2 साल से जिला कांगड़ा में मनरेगा के अंतर्गत नंबर एक पर चल रहा है। तबादलों की आवश्यकता नहीं थी लेकिन हम नहीं बता सकते कि तबादले किस आधार पर किए गए। अब आदेश वापस लिए गए हैं तो यह जांच होनी चाहिए।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

कुल्लू में 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, चार लोगों की मौत; हादसे से मचा हड़कंप

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बड़ा सड़क हादसा हुआ।...

मुख्यमंत्री सुक्खू का पेंशनर्स के लिए बड़ा एलान, 15 से 30% एरियर का भुगतान होगा; कर्मचारियों की भी सुधरेगी दिवाली

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पेंशनर्स के संशोधित वेतनमान...