जंगल की आग बुझाते झुलसे वनरक्षक राजेश हार गए जिंदगी की जंग, बच्‍चों के सिर से उठा पिता का साया

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व्यूरो रिपोर्ट

ऊना जिले के उपमंडल बंगाणा की सैली बीट में जंगल की आग बुझाते समय झुलसे 49 वर्षीय वनरक्षक राजेश कुमार देर रात पीजीआइ चंडीगढ़ में जिंदगी की जंग हार गए। वनसंपदा को बचाने के लिए जान जोखिम में डालने से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके राजेश ने पीजीआइ में दम तोड़ दिया।

उनके निधन की जानकारी वन मंडल अधिकारी मृत्युंजय माधव ने दी। राजेश 20 मई को वन कर्मचारियों के साथ सैली बीट के जंगल में लगी आग को शुक्रवार सुबह से ही बुझाने में लगे हुए थे।

शाम तक जंगल में लगी आग पर लगभग काबू पा लिया था। लेकिन तूफान चलने से आग की लपटें अचानक तेज हो गई और राजेश कुमार आग की चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस गए।

 

 

गंभीर हालत में उन्हें ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया गया था। इस दौरान उसका परिवार और वन विभाग की टीम भी अस्पताल में मौजूद रही।

रविवार को उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने पीजीआइ के निदेशक से बातचीत करके राजेश को आइसीयू में शिफ्ट करवाया था।

ऊना के गांव बदोली के रहने वाले राजेश इसी साल जनवरी में वनरक्षक के पद के लिए चयनित हुए थे। इससे पहले वह विभाग में 15 वर्ष तक डिस्पैचर के पद पर रहे। मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले राजेश के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैैं। राजेश वन्य जीव प्रेमी भी थे और इस साल फायर सीजन में उन्होंने कई जीव-जंतुओं की जान बचाई थी।

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