नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी शिमला के एक छात्र ने वीडियो जारी कर आत्महत्या की कोशिश का दावा किया, छात्र ने वीडियो में विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर जांच की मांग सामने आई है।
हिमखबर डेस्क
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी शिमला के छात्र ने रैगिंग व स्टाफ पर कई संगीन आरोप लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। फिलहाल छात्र आईजीएमसी शिमला में उपचाराधीन है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्र ने सुसाइड अटेम्प्ट से पहले एक वीडियो बनाया है, इसमें उसने कई तरह के आरोप लगाए हैं।
निखिल प्रकाश ने वीडियो में विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति, कुलसचिव और कुछ छात्रों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में छात्र भावुक होकर रोते हुए अपनी आपबीती बता रहा है। उसने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों और शिक्षकों से शिकायत करने के बावजूद उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं, कुछ छात्र उसे लंबे समय से परेशान कर रहे हैं।
निखिल ने साहिल सिंह, रोहित, प्रभात, पार्थ शुक्ला और ज्योतिरादित्य नामक छात्रों पर झूठी एफआईआर और एंटी-रैगिंग शिकायत दर्ज करवाने का आरोप लगाया है। छात्र का दावा है कि उसे जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। उसके अनुसार, दूसरे वर्ष में भी उसने संबंधित छात्रों के खिलाफ रैगिंग की शिकायत की थी।
निखिल ने वीडियो में कहा कि उसने अपनी शिकायत विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और शिक्षकों के समक्ष रखी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसका दावा है कि उसके पास सीसीटीवी फुटेज सहित ऐसे साक्ष्य हैं, जिनसे उसकी बात साबित हो सकती है। इसके बावजूद वह पिछले करीब एक माह से पुलिस थाने और विश्वविद्यालय प्रशासन के चक्कर काट रहा है। इससे उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
वीडियो में छात्र ने मानसिक तनाव और परेशानी का जिक्र करते हुए अपने परिवार से भावुक होकर माफी मांगी। उसने कहा कि यदि वह कोई कठोर कदम उठाता है तो इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और उसे परेशान करने वाले छात्र जिम्मेदार होंगे।

