‘आधुनिकता’ ढह गई लेकिन ‘इतिहास’ सीना ताने खड़ा है!…महादेव के मंदिर का कुछ नहीं बिगाड़ पाई बाढ़

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मंडी- अजय सूर्या

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रहे भारी बारिश के चलते राज्य को करोड़ों रुपयों का नुक्सान हुआ है। सबसे ज्यादा नुक्सान मनाली से लेकर मंडी तक देखा गया है।

मनाली से लेकर मंडी तक ब्यास ने ऐसा तांडव मचाया है कि 100 साल पुराने पुल भी बह गए हैं। अकेले शिमला जिले में सोमवार को भूस्खलन ने चार और लोगों की जान ले ली।

सोशल मीडिया पर लोग लगातार पंजवक्त्र मंदिर की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं और लिख रहे हैं सारा आधुनिक निर्माण धराशाई हो गया है, लेकिन बाढ़ के बीच भी महादेव का मंदिर सीना ताने खड़ा है।

बता दें कि मंडी में भगवान शिव का प्रसिद्ध पंचवक्त्र मंदिर है। ब्यास किनारे बना मंदिर हर मॉनसून सीजन में जलमग्न हो जाता है, हालांकि यह पूरी तरह नहीं डूबता है। माना जाता है कि शिव के पंचवक्त्र यानि पांच मुख वाले इस मंदिर की स्थापना मंडी के शासक अजबर सेन ने की थी।

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