हिमाचल प्रदेश में पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक विक्रम ठाकुर का SHO के साथ विवाद सामने आया है, घटना के दौरान विधायक पर पुलिस अधिकारी को धक्का देने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप हैं।
हिमखबर डेस्क
दिल्ली में जवाहर लाल नेहरू यनिवर्सिटी में हुए प्रकरण को लेकर हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को कांगड़ा जिला में देहरा के ढलियारा में आक्रोश रैली निकालकर प्रदर्शन किया हालांकि, इस दौरान पूर्व मंत्री और मौजूदा भाजपा विधायक विक्रम ठाकुर की बदजुबानी भी देखने को मिली।
दरअसल, भाजपा के संगठन जिला देहरा के भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस, राहुल गांधी और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी तथा जेएनयू के प्रोफेसर एवं सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम के पुतले फूंके. इस दौरान पूर्व मंत्री ने एसएओ को धक्का भी मारा।
पुतला दहन के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के प्रयास पर जसवां-प्रागपुर के विधायक एवं पूर्व मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर की पुलिस कर्मियों से तीखी बहस हो गई। बहस के दौरान विक्रम ठाकुर ने एसएचओ से कहा, ‘’क्या तकलीफ है मोदी जी को सामने खड़े होकर देखते हो… पीछे हटो “आपका बाप जल रहा है क्या यह?”
इस दौरान विधायक की ओर से गाली और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए भी दिखाई दिए और बोले कि दूसरा पतुला लाओ, यहीं पर फूंकेंगे। इस दौरान एसएचओ कहते सुनाई दे रहे हैं कि लोग जल सकते हैं इसलिए रोका जा रहा है हालांकि, स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने मामला संभाला और प्रदर्शन को आगे बढ़ने से रोका।
प्रदर्शन में जसवां-प्रागपुर के विधायक एवं पूर्व मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक होशियार सिंह, गगरेट के पूर्व विधायक एवं जिला प्रभारी राजेश ठाकुर तथा पूर्व मंत्री रविंद्र रवि सहित करीब 300 से 350 भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
बता दे कि भाजपा की आक्रोश रैली ढलियारा बाजार से शुरू होकर सरकारी डिग्री कॉलेज रोड स्थित मोड़ तक पहुंची। यहां कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। पुतला जलाने के दौरान पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिसको लेकर विधायक विक्रम सिंह ठाकुर और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
इसके बाद भाजयुमो के जिला अध्यक्ष रमन शर्मा और अन्य कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया। पुतला जलाने के दौरान उठी आग की चपेट में आने से कुछ पुलिसकर्मी भी झुलस गए हालांकि प्रदर्शन के दौरान कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि JNU से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस और केंद्र की राजनीति पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाया।

