राया बस हादसे के बाद लोगों ने सड़कों पर उतरकर NH-5 पर प्रदर्शन किया, प्रदर्शनकारियों ने खटारा बसों को बंद करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई, घटना के बाद सड़क सुरक्षा और बसों की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है।
हिमखबर डेस्क
डंसा पंचायत के कराली के समीप राया में हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद नोग वैली के ग्रामीणों ने परिवहन व्यवस्था और सड़कों की बदहाली के खिलाफ आवाज बुलंद की। मंगलवार को सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित सफर हमारी आवाज अभियान के तहत रामपुर में विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों ने रैली निकालकर प्रदेश सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। रैली में नोग वैली की तीनों पंचायतों के प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया और NH-5 धरना प्रदर्शन करके रोष प्रकट किया।
डंसा पंचायत की प्रधान पदमा चौहान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने राया बस हादसे की निष्पक्ष जांच करवाने, दुर्घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने और परिवहन व्यवस्था में सुधार करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पुरानी और असुरक्षित बसों का संचालन यात्रियों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। उन्होंने हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन से डिपो की खटारा बसों का परिचालन तत्काल बंद करने की मांग की।
ग्रामीणों ने दुर्घटना संभावित स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने और खराब सड़कों की जल्द मरम्मत करवाने पर भी जोर दिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
संपर्क मार्गों की बदहाली पर भी जताई चिंता
नोग वैली के ग्रामीणों ने क्षेत्र के कई संपर्क मार्गों की खराब हालत पर चिंता जताई। इनमें पशाडा कैंची से सनेई मार्ग, सुंडा-लालसा-ऊरू से आगे बेसड़ी-मकड़ोली मार्ग, डंसा-पनोली मार्ग, बाहलीधार वाया शांदल और लालसा-बाहलीधार मार्ग प्रमुख रूप से शामिल हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़कों की बदहाली और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण लोगों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ता है। उन्होंने इन मार्गों की हालत सुधारने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की मांग की। रैली और धरना प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने तहसीलदार रामपुर योगेश को ज्ञापन सौंपा।
इसमें राया बस हादसे की निष्पक्ष जांच, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, घायलों को राहत और क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक की जवाबदेही तय करने और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से सड़कों की बदहाली पर जवाब मांगने की बात भी कही।
गौरतलब है कि राया बस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि चालक-परिचालक समेत 22 अन्य लोग घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल करीब आधा दर्जन लोगों को उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया था।

