ओजोन परत के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ओजोन परत के महत्व और इसके संरक्षण के उपायों पर चर्चा की गई।
चुवाड़ी/चम्बा – भूषण गुरुंग
राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी में ईको क्लब एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में ओजोन जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को ओजोन परत, ओजोन क्षरण, ओजोन-क्षयकारी पदार्थों, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल तथा ओजोन संरक्षण के लिए किए जा रहे वैश्विक एवं व्यक्तिगत प्रयासों के प्रति जागरूक करना था।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. संजय सिंह पठानिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ओजोन परत की सुरक्षा केवल वैश्विक स्तर पर किए जाने वाले प्रयासों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की छोटी-छोटी जिम्मेदार आदतें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
ईको क्लब प्रभारी डॉ. रूप लाल ने कहा कि ओजोन संरक्षण के प्रति जागरूकता को व्यवहार में बदलना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि व्यक्तिगत स्तर पर अपनाई गई छोटी-छोटी पर्यावरण-अनुकूल आदतें मिलकर वैश्विक स्तर पर व्यापक एवं सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न कर सकती हैं।
रेड रिबन क्लब के प्रभारी श्री बलबीर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की संवादात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को विषय को केवल सुनने के बजाय समझने, प्रश्न पूछने, विचार साझा करने और समाधान खोजने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने ऐसी गतिविधियों को विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता बढ़ाने में उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के दौरान ईको क्लब एवं रेड रिबन क्लब के कुल 49 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। विद्यार्थियों ने ओजोन, ओजोन परत, ओजोन क्षरण, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल तथा ओजोन संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार एवं दृष्टिकोण साझा किए। विद्यार्थियों ने संवाद में भाग लेते हुए एक-दूसरे से प्रश्न पूछे तथा उनके उत्तर दिए जिससे गतिविधि एक सार्थक एवं ज्ञानवर्धक संवाद में परिवर्तित हुई।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ओजोन संरक्षण की शपथ ली और संकल्प किया कि वे व्यक्तिगत स्तर पर छोटी-छोटी पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाकर ओजोन क्षरण को कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देंगे।

