नाहन के एक किशोर का शव करीब 27 दिनों तक दिल्ली के शवगृह में रहा। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया और अपनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
सिरमौर – नरेश कुमार राधे
तकरीबन एक महीने से दिल्ली के शवगृह में अपनों के इंतजार में पड़ा नाहन के 40 वर्षीय किशोर रमौल का पार्थिव शरीर आखिरकार अपने गांव पहुंच गया।
मुख्यालय नाहन निवासी और मूल रूप से ग्राम रामा के रहने वाले किशोर रमौल पुत्र स्वर्गीय दित्ता राम का बीते 20 अगस्त को दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया था। उनका शव सड़क किनारे मृत अवस्था में बरामद हुआ था। करीब एक महीने बाद जब उनका पार्थिव शरीर अपने गांव पहुंचा, तो परिवार और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने मृतक के पास से बरामद दस्तावेजों और बैंक चेक बुक के आधार पर पहचान स्थापित की। पहचान होने के बाद परिजनों और स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। पहचान और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मामला सामान्य मृत्यु का लग सकता है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
एक महीने से अधिक समय तक अपनों से दूर रहे किशोर का पार्थिव शरीर जब गांव पहुंचा, तो हर आंख नम हो गई। परिवार के लिए यह दुख की घड़ी है कि जिस अपने के लौटने का इंतजार था, वह अब कभी वापस नहीं आएगा।

