हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी के कारण सैकड़ों पर्यटक फंस गए, ऐसे में DSP ने मोर्चा संभालते हुए पुलिस टीम के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया और करीब 100 वाहनों को सुरक्षित निकालने में मदद की।
हिमखबर डेस्क
लाहौल-स्पीति घाटी में अचानक बिगड़े मौसम और भारी बर्फबारी ने गोंदला के समीप एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया। भारी हिमपात के कारण सड़क पर करीब 100 वाहन और उनमें सवार सैंकड़ों यात्री व पर्यटक फंस गए।
माइनस तापमान और कड़ाके की ठंड के बीच फंसे इन लोगों के लिए समय बीतने के साथ-साथ जान का जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा था। घटना की सूचना मिलते ही लाहौल-स्पीति पुलिस तुरंत हरकत में आई।
केलांग के डीएसपी केडी शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। लगातार गिरती बर्फ और हाड़ कंपाने वाली ठंड की परवाह किए बिना, पुलिस जवानों ने त्वरित राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद रास्ता साफ करवाया और सभी 100 वाहनों को सुरक्षित निकालकर उनमें सवार यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार सूचना मिलते ही डीएसपी स्वयं दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और रैस्क्यू ऑप्रेशन का खाका तैयार किया। बर्फ से जमी फिसलन भरी सड़कों पर गाड़ियां निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन पुलिस की योजनाबद्ध और त्वरित कार्रवाई के चलते पर्यटकों और यात्रियों को बिना किसी नुक्सान के सुरक्षित बचा लिया गया।
बता दें कि विषम परिस्थितियों में मुस्तैदी और मानवीय सेवाओं के लिए डीएसपी केडी शर्मा की कार्यशैली हमेशा से चर्चा में रही है। इससे पूर्व जब वे मनाली में डीएसपी के पद पर तैनात थे, तब भी भारी बर्फबारी और एवलांच (हिमस्खलन) के दौरान उन्होंने दिन-रात एक कर सैंकड़ों पर्यटकों और स्थानीय लोगों की जान बचाई थी। अपनी जान की परवाह किए बिना मैदान में डटे रहना उनकी पहचान बन चुका है।
गोंदला में चलाए गए इस सफल रैस्क्यू ऑप्रेशन के बाद सुरक्षित निकाले गए पर्यटकों और यात्रियों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों, पर्यटकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने डीएसपी केडी शर्मा और उनकी पूरी पुलिस टीम के अदम्य साहस, तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की जमकर सराहना की है।

