
शिमला – जसपाल ठाकुर
महिलाओं को एचआरटीसी की बसों में 50 फीसदी की छूट का मामला अब कोर्ट जा पहुंचा है। निजी बस ऑपरेटर संघ ने सरकार के खिलाफ खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की है।
निजी बस ऑपरेटर संघ के महासचिव रमेश कमल ने बताया कि हाइकोर्ट में याचिका दायर कर दी गई है। अब कोर्ट ही इस मामलें में फैसला लेगा।
उन्होंने आरोप लगाया है कि एचआरटीसी बसों में महिलाओं को 50 फीसदी छूट की अधिसूचना जारी कर सरकार के कोर्ट के आदेशों की अवमानना की है।
रमेश कमल का कहना है कि महिलाओं को 50 फीसदी किराए में छूट देने से निजी बस आपरेटरों व एचआरटीसी के बीच बिना मतलब की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार एचआरटीसी द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित किराए से कम किराया नहीं लिया जा सकता।
सरकार ने 2.19 प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया निर्धारित किया है, लेकिन सरकार द्वारा महिलाओं को एचआरटीसी की की बसों में 50 फीसदी छूट देने की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
एचआरटीसी बसों में महिलाओं को 50 प्रतिशत किराए में छूट देने से राजधानी शिमला सहित प्रदेश भी में निजी बस चालक परिचालकों के रोजगार पर संकट आ गया है।
प्राइवेट मिनी बस ड्राइवर्ज एवं कंडक्टर यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि पहली जुलाई से प्रदेश भर में एचआरटीसी की बसों में महिलाओं को किराए में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी।
प्राईवेट मिनी बस ड्राईवर्ज एवं कंडक्टर यूनियन कमल ठाकुर, यूनियन सचिव अखिल गुप्ता ने कहा कि पहली जुलाई के बाद सरकारी बसों में महिलाओं को 50 प्रतिशत छूट मिलेगी जिससे निजी व सरकारी में प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी। वहीं निजी बसें चला रहे चालक व परिचालक की रोजगार भी संकट आ जाएगा।
