
लेखक – राजीव डोगरा
हे ऋद्धि सिद्धि के ममदाता, तुमही हो मेरे भाग्य विधाता, पूर्ण करो प्रभु जी सबकाजा
ॐ गं गं गं गणपति-गणेशा
भक्त तेरा, पड़ा घने-क्लेशा, तुम्हीं आन दूर – करो -द्वेषा
ॐ कं कं कं कालिके-नँदन
करूं गौरी – सुत स्नेह वँदन, भरो ह्रदय मेरे आनन्दन
ॐ शंशंशं शिव शम्भू प्यारे
भवपारकरो सुरेश्वरम न्यारे, ॐ गं- गं- गं- गजाननदेवा
जीवन में छाया घना अँधेरा, सिद्धिविनायक करो सवेरा
श्वांसश्वांस तुम्हरे गुण गाऊँ, जोई जोई माँगूँ सो ही पाऊँ
राजीव डोगरा के हो प्यारे, भाग्य- विधाता पालन हारे
गं गं गं गं गणपति विधाता, दूर हरो दुःख जो तेरे गुणगाता
मौलिकता प्रमाण पत्र
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राजीव डोगरा, (भाषा अध्यापक)
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