
कोटला – स्वयंम
सामुदायिक भवन कोटला में शनिवार को श्री मद भागवत कथा भक्ति ज्ञान यज्ञ सप्ताह के दिव्यायोजन का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिसमें मंडपाचार्य पंडित चंद्र भूषण शर्मा एवं आचार्य पंडित बालकृष्ण ने समस्त कोटला वासियों सहित मंडप आवहित देव – पूजन करवाया।
शनिवार को प्रातः 10 बजे सामुदायिक भवन कोटला से प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री बगलामुखी मंदिर तक भव्य कलश शोभायात्रा आयोजित की गई। जिसमे राजकुमार ने सब परिवार सहित ज्योति प्रज्वलित कर भागवत पूजन, व्यास पूजन कर प्रथम दिवस के मुख्य जजमान बने ।
कथा व्यास पंडित बद्री प्रसाद शास्त्री जी ने कथा का शुभारंभ करते हुए कहां की चित=प्रकाश सारी सृष्टि को प्रकाश देने वाला, अनंत = सुख का सागर, आनंद का कोई वर्णन नहीं कर सकता ,आनंद एक आभास है ।
जिसे हर कोई ढूंढ रहा है दुख एक अनुभव है जो आज हर एक के पास है क्योंकि 18 से 20 लाख रुपए कमाने वाला भी सुखी नहीं जबकि झुग्गी झोपड़ी में भी आनंद बरस रहा है। शास्त्री जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा हमें सीधे श्री कृष्ण भगवान के दर्शन करवाती है।
श्रीमद् भागवत एक कल्पवृक्ष है जो जीव के तापत्रय समाप्त कर हमें एहलौकिक और परलौकिक दोनों प्रकार की कामनाओं को पूर्ण करती हैं लेकिन उससे पहले हमें भगवान पर विश्वास करना होगा उसके बाद भगवान हमारे जीवन को इतना अनमोल बना देते हैं कि कुछ मांगने की आवश्यकता ही शेष नहीं रह जाती औरत जीवन बार-बार मिल जाता है पर मानव जीवन बार-बार नहीं मिलता ।
