
गुलेर- ब्यूरो
देहरा के विधायक होशियार सिंह द्वारा दबंग स्टाइल में बिना परमिशन के गुलेर-लुनसु के मध्य रेलवे पुलिया के नीचे से जबरदस्ती डाली गई पाइपों को रेलवे विभाग ने हटा दिया है ।
सूत्रों के अनुसार अधिकारियों का कहना था कि जब दूसरी बार टेंडर प्रक्रिया पुनः शुरू हो चुकी है तो ऐसे गैरकानूनी तरीके से पाइपें डालने की अनुमति नही दी जा सकती।
देहरा भाजपा के युवा नेता डॉ सुकृत सागर ने कहा कि देहरा के विधायक ने श्रेय लेने की व्याकुलता की वजह से ऐसा किया है । स्टोरेज टैंक से जोड़ने बाली पाइप को रेलवे ट्रेक के नीचे से जाना है। जिससे रेलवे एक कुशनडक्ट का निर्माण करेगा।
इस निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के प्रयासों से जल शक्ति विभाग द्वारा पैसा जमा करबा दिया गया था। उन्होंने कहा की अगस्त माह में मौके पर गए थे तथा यथास्थिति से अनुराग ठाकुर को यथास्थिति से अवगत करबाया था। जिसके परिणामस्वरूप 23 अक्टूबर 2021 को विहार की बी के कंस्ट्रक्शन को ठेका अवार्ड हो गया था।
डॉ सुकृत ने कहा कि मेरी व अधिकारियों की लगातार बी के कंस्ट्रक्शन से बात होती रही थी लेकिन उन्होंने काम करने से मना कर दिया उसके बाद अनुराग ठाकुर के प्रयासों से पुनः टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
जिसकी जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से दिल्ली से मंत्रालय ने लोगों को 26 तारीख को ही दे दी थी. लेकिन 28 तारीख को श्रेय के लिए व्याकुल विधायक केंद्रीय मंत्री के प्रयासों को धता बताते हुए खुद ही पाइपें जोड़ने पहुंच गए।
उन्होंने कहा कि अपनी ओच्छी राजनीति के लिए विधयाक का लोगों को मुश्किल में डालने का इस तरह का कृत्य गलत , निंदनीय है।
डॉ सुकृत ने कहा कि जब रेलवे विभाग को पैसा जमा करबा दिया गया है एक बार टेंडर हो चुका है पुनः टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो विधायक द्वारा सिर्फ मात्र श्रेय लेने के लिए इस तरह का कार्य लोगों के काम में अड़ंगा डालने का प्रयास है।
डॉ सुकृत ने कहा कि विधायक बताए इस पाईप को निकलबाने के लिए आजतक विधायक ने क्या कोशिश की है ,कितनी बार रेलवे के अधिकारियों से मिले? जब काम होने लगा तो उसमें अड़ंगा डाल रहे है
