
शिमला- जसपाल ठाकुर
जिला शिमला के ठियोग में तीन महीने से लापता भगत राम का कंकाल मिलने के बाद से उनके स्वजन तीसरे दिन भी इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आइजीएमसी) के बाहर धरने पर बैठे रहे। मंगलवार को व्यक्ति का कंकाल मिला था। इसके बाद से स्वजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। स्वजन का कहना है कि जब तक कातिलों को पकड़ा नहीं जाता तब तक वे शव को नहीं लेंगे।
बेटी मनीषा ने कहा कि मंगलवार को आइजीएमसी में पोस्टमार्टम हुआ था उसी दिन से वे मांग कर रहे हैं कि उन्हें न्याय दिलाया जाए, लेकिन प्रशासन का कोई भी अधिकारी अभी तक बात करने नहीं आया है। मनीषा ने कहा कि जब तक उनके पिता के कातिलों को नहीं पकड़ा जाता तब तक वह धरना जारी रखेंगे और उसके बाद ही शव को आइजीएमसी से ले जाएंगे।
यह है मामला
मनीषा ने बताया कि उसके पिता 21 नवंबर को घर से गाड़ी की किस्त जमा करवाने गए थे, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटे। इस पर उन्होंने सोचा कि अपने दोस्तों के साथ कहीं गए होंगे, लेकिन दो दिन बाद जब वापस नहीं आए तो मामले की सूचना ठियोग पुलिस थाना में दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
15 दिन पहले फरवरी में परिवार डीजीपी संजय कुंडू से मिला और मामले की जांच सीआइडी से करवाने को कहा। इस पर संजय कुंडू ने कमेटी गठित की जिसमें सीआइडी ने 28 फरवरी को एक कंकाल बरामद किया। इसमें भगतराम के दोनों हाथ कटे हुए थे। बेटी ने आरोप लगाया कि उसके पिता के साथ पहले लड़ाई हुई थी और उन्हें मारने की धमकी दी गई थी।
