
व्यूरो रिपोर्ट
यूक्रेन के शहर खारकीव में रूसी सैनिकों ने मिसाइल से हमला किया है, जिसमें भारी तबाही हुई है। रूसी सैनिकों के हमले लगातार जारी हैं और लोग सहमे हुए हैं। रूस ने एक अस्पताल पर भी हमला किया है। खारकीव और सूमी में अभी भी कई भारतीय छात्र फंसे हुए हैं, जो कि मदद का इंतजार कर रहे हैं।
यूक्रेन की राजधानी कीव में अभी भी खतरे के सायरन बज रहे हैं, जिसके चलते लोग घरों में ही दुबके हुए हैं। उधर, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने बुधवार को कहा कि बेलारूस यूक्रेन के साथ अपनी दक्षिणी सीमा पर सैनिकों की संख्या को और बढ़ाएगा। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सीमा पर पांच सामरिक बटालियन समूह अगले दो दिनों में बढ़कर दस हो जाएंगे।
उन्होंने अपनी सुरक्षा परिषद को कहा कि ये उच्च प्रशिक्षित सैनिक हैं, जो बेलारूस के खिलाफ किसी भी उकसावे और किसी भी सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए सक्षम हैं। राष्ट्रपति लुकाशेंको ने इस कदम को एक निवारक कार्रवाई बताया है, जो देश में (यूक्रेनी) कट्टरपंथियों और हथियारों के प्रवेश पर रोक लगाएगा। उल्लेखनीय है कि पश्चिम ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में मॉस्को का साथ देने के लिए बेलारूस पर प्रतिबंध लगा दिया है।
यूक्रेन ने रूस पर वैक्यूम बमों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। गौर हो कि वैक्यूम बम न्यूक्लियर हथियारों के बाद दूसरा सबसे खतरनाक हथियार माना जाता है। 2007 में रूस द्वारा विकसित इस घातक बम से 44 टन टीएनटी के बराबर धमाका हो सकता है।
यह बम अपने आसपास के 300 मीटर के इलाके को पूरी तरह खाक कर सकता है। इस बम की खासियत ये है कि ये वातावरण में मौजूद ऑक्सीजन को सोखकर जमीन के ऊपर धमाका करता है। इस बम के धमाके से हाई टेंपरेचर और सुपरसॉनिक विस्फोटक तरंगें या शॉक वेव पैदा होती हैं, जो अपने रास्ते में आने वाली इमारतों और इंसानों समेत हर चीज को राख बना देती हैं।
रूस-यूक्रेन में आज फिर होगी बात
जंग खत्म करने की कोशिशों का पहला दौर बेनतीजा निकलने के बाद यूक्रेन और रूस के बीच बातचीत का दूसरा दौर बुधवार को पोलैंड में होगा। हालांकि इसका टाइम नहीं बताया गया है। वार्ता का पहला दौर सोमवार को बेलारूस और यूक्रेन की सीमा पर हुआ था। लगभग छह घंटे चली वार्ता का कोई परिणाम नहीं निकला था।
