
कुल्लू- मनदीप सिंह ढांग
शिवरात्रि के पावन अवसर पर जहां गाय- बैल की हम पूजते करते है। वही भुंतर में खोखन रोड पर किसी गाड़ी वाले ने गाय को तीन-चार दिन पहले टक्कर मार कर चोटिल कर दिया था। भारी बारिश में भी बेसहारा गाय सड़क पर ही बैठी रही। गाय जब खड़ी ना हुई, तब स्थानीय लोगों द्वारा कार सेवा दल संस्था को गाय की जानकारी दी गई।
भुंतर शहर में हालांकि गाय को प्यार करने वाले बहुत गो प्रेमी है। मौके पर इलाज कर रहे गौ प्रेमी ने बताया कि गाय को कुछ दिनों से घर ना मिलने के कारण खून की कमी और अंदरूनी जख्म हो गया है। गौ प्रेमी ने बताया कि चोटिल गाय की सेवा व इलाज की प्रक्रिया को शुरू कर दिया लेकिन सबसे बड़ी समस्या तब आ जाती है, जब एक बेसहारा गाय, बैल सड़क पर चोटिल हो जाए।
उस दौरान ना ही कोई दुकानदार या आस-पड़ोस वाले लोग इन बेसहारा चोटिल पशुओं का इलाज करने में दिक्कत पैदा करते हैं। गो प्रेमियों को सबसे बड़ी समस्या इन बेसहारा चोटिल गाय, बैल को रखने की भी आ जाती है। शहर के आसपास के लिए कोई भी ठिकाना नहीं है। जहां इन बेसहारों को रखकर सहारा देकर इलाज हो सके। गो प्रेमियों को यह समस्या हर बार आती है।
जब भी कोई गाय बैल चोटिल होते है तो समाज मे उन लोगों को हमेशा याद किया जाता है। जो ना केवल गाय से प्यार करते हैं, उनके दुख दर्द में भी उनके इलाज व घास पानी की व्यवस्था अपनी जेब से करते हैं। आज सुबह संस्था के अधिकारियों को फोन किया गया कि एक गाय जो कि चोटिल है और उसे रखने की व्यवस्था करनी होगी।
संस्था के सदस्य मौके पर पहुंचे। आसपास के गो प्रेमियों के सहयोग से चोटिल गाय को खोखन रोड से ऑटो में डालकर मेला ग्राउंड के नजदीक तरीपाल लगाकर एक उचित व्यवस्था करके रखा गया। भुंतर से कार सेवा दल के प्रभारी इलाज व घास- पानी इलाज की व्यवस्था समय-समय पर करते रहेंगे। नगर पंचायत भुंतर और स्थानीय लोगों का गौ माता जब तक स्वस्थ ना हो जाए तब तक सेवाएं लेते रहेंगे।
