बैक डोर एंट्री पर उखड़े बेरोजगार

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संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने शिक्षक नेता मामराज पुंडीर पर जड़े सरकार को गुमराह करने के आरोप।

स्टाफ रिपोर्टर- मंडी/सुंदरनगर- नरेश कुमार

प्रदेश बेरोजगार संघ के प्रदेशाध्यक्ष निर्मल सिंह धीमान, महासचिव लाजेश धीमान और मीडिया प्रभारी प्रकाश चंद ने कहा कि शिक्षक महासंघ के कुछ शीर्षक नेता गलत नीतियों का समर्थन कर माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं।

एक ओर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर विधानसभा में बयान दे रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने के लिए नहीं कहा है, इसलिए सरकार इनको नियमित करने के लिए विचार नहीं कर रही है।

दूसरी तरफ शिक्षक महांसघ के प्रांत मंत्री डा. मामराज पुंडीर अपने निजी स्वार्थ के चलते 2555 एसएमसी शिक्षकों के लिए स्थायी पालिसी की मांग कर सरकार की गलत नीतियों समर्थन कर रहे हैं।

ज्ञात रहे बिना कमीशन बिना बैचवाइज से भर्ती हुए शिक्षकों के लिए स्थायी पालिसी की मांग करना प्रदेश के लाखों बेरोजगार अध्यापकों के संवैधानिक अधिकारों से खिलवाड़ करना है।

यही कारण है कि 24-11-2020 को माननीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के पश्चात हिमाचल सरकारी शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कभी भी बिना कमीशन, बिना बैचवाइज भर्ती का समर्थन नहीं किया है।

वीरेंद्र चौहान एक उच्च कोटि के शिक्षक नेता हैं, जो दूसरों के अधिकार दिलवाने की तो चेष्टा करते हैं, लेकिन दूसरों के अधिकार छीनने की कोशिश नहीं करते हैं।

यह भी सच है कि बेरोजगार अध्यापक ही सरकारी स्कूलों के भावी अध्यापक हैं। इसलिए इनके हितों की रक्षा करना हर शिक्षक संघ का कत्र्तव्य बन जाता है।

सरकार के समक्ष किसी भी वर्ग का पक्ष रखने से पहले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का अध्ययन कर लेना जरूरी है।

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