
परागपुर- आशीष कुमार
भाजपा सरकार की करनी ओर कथनी में बहुत फर्क है। क्योंकि 2017 के चुनावों में भाजपा पार्टी ने आउटसोर्स कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि जैसे ही भाजपा सरकार सत्ता में आएगी तो आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नियमित नीति बनाएंगे ।
सत्ता हासिल करने के बाद आज 4 साल बीत जाने के बाद भी इन आउटसोर्स कर्मचारियों की अनदेखी हुई है। और प्रदेश सरकार ने इन कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। एनपीएस कर्मचारियों को ओल्ड पैंशन स्कीम में लाए जाने के मसले पर, सरकार द्वारा एक कमेटी कठिन करने पर प्रश्न खड़ा किया है क्योंकि इस मामले को सिर्फ चुनाव तक टालने के लिए ही कमेटी का गठन किया है।
सरकार ने पुरानी पेंशन को बहाल नहीं किया तो यह प्रदेश के एक लाख पचास हजार कर्मचारियाें के हितों के साथ कुठाराघात होगा। सरकार ने जो कमेटी का गठन किया है अभी तक उस कमेटी ने धरातल पर कार्य करना भी शुरू नहीं किया है जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। सरकार बजट सत्र शुरू होने से पहले पुरानी पेंशन की बहाली प्रदेश में लागू करे और अगर सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती है तो जैसा कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता बोल चुके हैं, हम अपनी सरकार आने पर इसे बहाल करेंगे।
सलापड़ में हुआ शराब कांड चौंकाने वाला है और इस कांड से हमारी यह बात सच सावित हो रही है कि खनन, वन, शराब, ड्रग माफिया पिछले 4 साल में सरकार के संरक्षण में खूब फल-फूल रहा है। और अगर किसी का विकास हुआ है तो यह सिर्फ इन्हीं का हुआ है।
मनकोटिया ने आगे कहा कि हिमाचल में नए उद्योग धंधे और इन्वेस्टर मीट सवालों के घेरे में है क्योंकि धरातल पर न तो कोई निवेश हुआ है और न ही किसी को नौकरी लगी है। जबकि कहने को तो इन्वेस्टर मीट की दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरिमनी भी हो गई।
