डाडासीबा कॉलेज में अध्यापक नियुक्ति के लिए सड़कों पर उतरे छात्र ,शिक्षा विभाग सरकार के खिलाफ रोष

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देश के भविष्य को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना दुर्भाग्यपूर्ण: मनकोटिया

बंदना कुमारी- डाडासीबा

केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से गुणात्मक शिक्षा के दावे किए जाते हैं लेकिन धरातल स्तर पर यह शून्य ही है सरकार ने स्कूल व कालेज तो खोल दिए गए लेकिन स्टाफ की तैनाती करना शायद भूल गई है ऐसे में विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बाबा कांशीराम राजकीय महाविद्यालय डाडा सीबा का आजकल यही हाल है ।

एक तरफ सरकार जहां बेहतर शिक्षा की बात करती है दूसरी ओर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती है वही इस नारे की साफ तौर पर धज्जियां जब उड़ती हैं उसका ताजा उदाहरण बाबा कांशीराम राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा में देखने को मिला जहां छात्रों को अपने अधिकार के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा ।

मंत्री बिक्रम ठाकुर की गृह विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ते डाडा सीबा में सोमवार को कॉलेज के लगभग 300 छात्र ने सड़कों पर उतरकर अपना मांग पत्र नायब तहसीलदार डाडा सीबा अभीराय सिंह के माध्यम से सरकार को सौंपा। सोमवार को पीटीए प्रधान पिंकी देवी,उप-प्रधान रणजीत सिंह व कमेटी सदस्य की अध्यक्षता में छात्रों ने अपना रोष प्रकट किया।

छात्रों का कहना है कि वर्ष 2016 से चल रहे इस कालेज की हालत यह है कि यहां विद्यार्थी 300 से अधिक है लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए केवल तीन ही प्राध्यापक हैं। 5 शिक्षकों के पद खाली हैं। चिंतनीय यह है कि पिछले 9 माह से प्राचार्य ही नहीं है। प्राचार्य 31 मार्च 2021 को सेवानिवृत्त हो गए हैं और उसके बाद आज दिन तक यह पद खाली है। कला व वाणिज्य संकाय के इस कॉलेज में बिना प्राध्यापकों के बच्चे कैसे पढ़ाई करेंगे। इसे लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं।

कालेज की पीटीए प्रधान पिंकी देवी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे में शिक्षा विभाग की नाकामी बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी है। अभिभावक संघ का कहना है कि इस बाबत कई बार विभाग के खिलाफ प्रदर्शन व लिखित शिकायत भी की लेकिन नतीजा शून्य ही निकला। पीटीए प्रधान पिंकी देवी, उपप्रधान रणजीत सिंह ने कहा कि राजनीतिक शास्त्र हिंदी व इतिहास तीनों ही मेजर सब्जेक्ट हैं लेकिन इन विषयों के प्राध्यापकों के पद खाली हैं।

शिक्षकों के साथ-साथ गैस शिक्षकों के पद भी खाली हैं। सिर्फ 3 प्राध्यापकों के सहारे चल रहा डाडा सीबा कॉलेज प्राचार्य का भी पद खाली 31 मार्च 2021 में प्राचार्य की सेवानिवृत्ति के बाद कोई तैनात नहीं हुआ। 300 विद्यार्थी यहां पढ़ाई कर रहे हैं आज भी अध्यापक के 5 पद खाली हैं।

राजकीय महाविद्यालय डाडा सीबा के छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन किया। साथ ही डाडा सीबा बाजार में एक मांग रैली का भी आयोजन किया। वहीं महाविद्यालय से शुरू होते हुए डाडा सीबा बाजार छात्रों की मांगों को लेकर गूंज उठा ।

सरकार को आनी चाहिए शर्म: सुरिन्दर सिंह मनकोटिया

इस दौरान जसवां परागपुर कांग्रेसी नेता सुरिन्दर सिंह मनकोटिया एवम तमाम कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बच्चों का समर्थन करते हुए इस मांग प्रदर्शन में कॉलेज छात्रों का समर्थन किया। वहीं कहा कि एक तरफ सरकार शिक्षा देने के बड़े-बड़े वादे करती है, परन्तु धरातल पर यह बिल्कुल उल्टी है। राजकीय महाविद्यालय डाडा सीबा में बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रोफेसर तक नहीं है यह केसी शिक्षा सुविधा है सरकार को शर्म आनी चाहिए हमारा भविष्य सड़कों पर उतर रहा है। सरकार कर क्या रही है।

इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता जगमेल सिंह,रणजीत सिंह परमार,अनुराधा स्पेहिया,परमेश्वरि दास,प्रमोद सिंह,राम कुमार,सुमन ठाकुर, बबीता मेहरा इत्यादि मौजूद रहे।

कैंटीन नहीं प्रधानाचार्य नहीं अध्यापक नहीं

छात्रों का आरोप है कि उनके महाविद्यालय में आज दिन तक एक कैंटीन सुविधा नहीं मिल पाई है वहीं कोई प्रधानाचार्य भी इस कॉलेज में नहीं है । छात्रों का कहना है कि ऐसा कॉलेज किस काम का जहां मौलिक सुविधाएं विद्यार्थियों को न मिल पाए। अगर जल्द सरकार छात्रों की मांगो को पूरा नहीं करेगा तो इससे भी उग्र आंदोलन उनके द्वारा किया जाएगा।

क्या कहते हैं नायब तहसीलदार डाडा सीबा अभीराय सिंह ठाकुर

नायब तहसीलदार डाडा सीबा अभीराय सिंह ठाकुर का कहना है कि आज कॉलेज के छात्रों ने ज्ञापन पत्र हमारे माध्यम से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भेजा है । उनके मांग पत्र को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष उठा चुके हैं प्रोफेसर तैनाती की मांग: पिंकी देवी

राजकीय महाविद्यालय डाडा सीबा की पीटीए प्रधान पिंकी देवी एवम उप-प्रधान रणजीत सिंह का कहना है की सितंबर में हुई बैठक में एक मांग पत्र मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भेज चुके हैं, परन्तु आज दिन तक किसी ने कोई सुनवाई नहीं की ।

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