
पंचरुखी- बर्फू
खाद की कमी से जूझ रहे किसानों को आए दिन दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। इस दौरान पंचरुखी क्षेत्र के डिपुओं में खाद के लिए किसानों को भीड़ उमड़ी और खाद के लिए एक-दूसरे से किसान आपसी बहस करते भी नजर आए। क्षेत्र में काफी समय से खाद उपलब्ध न करवाने से किसानों में रोष था और सरकार व संबंधित विभाग भी मूकदर्शक बने हुए हैं।
इसी बढ़ते विरोध के चलते क्षेत्र के सहकारी डिपुओं में खाद की गाड़ी पहुंची। डिमांड के हिसाब से काफी कम खाद मिल पाई। क्षेत्र के डिपुओं में सुबह से ही किसानों की लंबी-लंबी लाइनें लगी थी। खाद की बोरियां कम और लोग ज्यादा थे, जिसके चलते बहुत से किसान खाद से वंचित रह गए। बताते चलें कि गेहूं की फसल को बीजने के लिए 12:32:16 खाद न मिलने से किसान बेहद परेशान थे व दर-दर भटकने को मजबूर थे।
सैकड़ों किसानों के लिए मात्र अंग्रेजी खाद की 240 बोरियों से सरकार व विभाग के किसानों को बढ़ावा देने के दावे हवा हो गए । क्षेत्र में गेहु की फसल की बिजाई का कार्य जोरों पर है, पर 12-32-16 खाद न होने से किसान दर-दर भटकने को मजबूर थे। क्षेत्र के हजारों किसान के लिए लदोह, खुंड़ली व आंद्रेटा कृषि सोसायटी के लिए मात्र 240 बोरियां पहुंचीं, जो उनकी डिमांड से भी काफी कम थी।
खाद पहुँचने से पहले ही किसान डिपुओं में पहुँच चुके थे । कम बोरियों के चलते डिपो होल्डर के लिए परेशानी हो गई । लोगों में सरकार व संबंधित विभाग के प्रति गहरा रोष था। लोगों का कहना था कि समय पर खाद न मिल पाने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
