
भांबला- नरेश कुमार
सरकाघाट की ग्राम पंचायत भाम्बला में बेटे के जिंदा होते हुए बहू को विधवा पेंशन और बीपीएल में डालने के मामले में सरकाघाट क्षेत्र की ग्राम पंचायत भाम्बला के पूर्व उप प्रधान रतन चंद वर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ पंचायत की वर्तमान प्रधान द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं ।
पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व उप प्रधान रतन चंद वर्मा ने कहा कि पंचायत प्रधान द्वारा पिछले दिनों जो सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से जो आरोप लगाए गए थे और जो वीडियो वायरल किया गया था । वह राजनीतिक द्वेष के कारण किया गया है । क्योंकि बीपीएल में जो भी नाम डाल जाते हैं वह पंचायत की साधारण बैठक में नहीं बल्कि ग्रामसभा में डाले जाते हैं ।
जिसकी अध्यक्षता प्रधान करता है और पंचायत सचिव कार्यवाही लिखता है । जबकि नामों का चयन ग्राम सभा द्वारा किया जाता है । उन्होंने कहा कि उनका बेटा उनसे अलग रहता है और आईआरडीपी में उसका चयन हुआ है तो नियमों के अनुसार हुआ है । यह उसका हक भी है । पंचायत प्रधान द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से उन्हें सामाजिक और मानसिक तौर पर मानहानि हुई है ।
पूर्व उप प्रधान ने कहा कि पंचायत कार्यों के ठेके पंचायत प्रतिनिधियों को नहीं जाते हैं । जबकि उन पर इस तरह के भी आरोप लगाए गए हैं । वहीं उन्होंने अपनी बहू को विधवा प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है । और ना ही उनकी बहू को विधवा पेंशन मिलती है ।
अगर वर्तमान पंचायत प्रधान के पास इस तरह के कोई भी दस्तावेज हैं तो उन्हें मीडिया के सामने प्रस्तुत करें । जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो । उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर माननीय न्यायालय में इंसाफ की गुहार लगाएंगे ।
उन्हें उपायुक्त मंडी को भी एक मांग पत्र सौंपा है । इसमें मांग की गई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए ।
पूर्व उप प्रधान रतन चंद वर्मा ने कहा कि वह सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं और कई सामाजिक संस्थाओं में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के दिन जहां पूरे देश में पूर्व सैनिकों का हर जगह पर मान सम्मान किया जाता है ।
वही ग्राम पंचायत भांबला में 15 अगस्त के दिन उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंचाई गई ।और उन पर झूठे इल्जाम लगाए गए हैं जिससे उन्हें सामाजिक व मानसिक तौर पर मानहानि हुई है।
