
बकलोह- भूषण गुरूंग
आज बकलोह के गोरखा सभा भवन के प्रागण में गोरखा समुदाय के लोगो द्वारा भारत के बीर सपूत( INA)के मेजर दुर्गा मल का बलिदान दिवस मनाया। इनके साथ ही बकलोह के 8 वीर सपूतों जिन्होंने अपने देश के लिए बलिदान दिया।उनको भी इस मौके में श्रद्धांजलि दी।
गोरखा समुदाय के लोगो का कहना है कि मेजर दुर्गामल ने देश के आजादी के लिए अहम योगदान दिया है। उन्हे 25 अगस्त 1944 को ब्रिटिश हकूमत ने दिल्ली में दिल्ली सेंट्रल जेल में फांसी पर लटका दिया गया था। इस लिया समस्त भारत वर्ष मे गोरखा समुदाय के लोग इस दिन को बलिदान दिवस के रूप मे मनाते है।
लोगो का कहना है कि भारतीय गोरखा समुदाय ने भारत के स्वतंत्रता के आंदोलन में सक्रिय भाग लेकर देश के आजादी के लिए अपने प्राणों की बलि दी है।पहली जुलाई 1913 को देहरादून के गॉव डोइ वाला में पैदा हुए दुर्गामल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के डाडी मार्च तथा सत्याग्रह आंदोलन मे भी भाग लिया था।
इस कार्यक्रम में सबसे पहले गोरखा सभा के सभापति विजय गुरूंग द्वारा देश के लिये मर मिटने वाले वीर सपूतों को बलिदान दिवस मे श्रद्धांजलि दी गई । उसके बाद आए हुए सभी गोरखा समुदाय के लोगो द्वारा श्रद्धांजलि दी गई।
इस मौके में गोरखा सभा के सभापति के विजय गुरूंग द्वारा मेजर दुर्गा मल के जीवन प्रकाश डालते हुय विस्तार से बताया।
