हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में एक जूनियर छात्र के साथ रैगिंग किए जाने का आरोप लगा है, सेकेंड ईयर के छात्रों ने कथित तौर पर जूनियर को कमरे में बुलाकर प्रताड़ित किया, मामले में कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई और आधिकारिक पक्ष की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
हिमखबर डेस्क
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कालेज एवं अस्पताल हमीरपुर में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर की रैगिंग करने का मामला सामने आया है। करीब दो दिन पहले हुए घटनाक्रम को कालेज प्रबंधन द्वारा फिलहाल अपने स्तर पर सुलझाने का प्रयास किया जाता रहा और मामले को पूरी तरह गुप्त रखा गया, लेकिन सोमवार को जैसे ही छात्रों की कक्षाएं लगी तो मामले की भनक मीडिया तक पहुंची। कालेज की एंटी रैगिंग कमेटी को आनन फानन में घटनाक्रम को लेकर एक बैठक बुलानी पड़ी।
जानकारी के अनुसार दो दिन पूर्व मेडिकल कालेज के सेकेंड ईयर के छात्रों ने फस्र्ट ईयर के एक छात्र को पहले अपने कमरे में बुलाया और फिर उसे प्रताडि़त किया गया। सूत्रों की माने तो इस घटनाक्रम के बाद छात्र मानसिक रूप से आहत हुआ है। उसने इस घटनाक्रम की शिकायत कालेज प्रबंधन को ई-मेल के माध्यम से दी है। शिकायतपत्र में जूनियर छात्र ने लगभग 10 छात्रों पर प्रताडऩा के आरोप जड़े हैं।
इस घटनाक्रम के बाद कालेज प्रबंधन बुरी तरह से हिला हुआ है। हालांकि अभी मामला पुलिस को नहीं सौंपा गया है, लेकिन कालेज प्रबंधन ने अपने स्तर पर कमेटी बनाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हमीरपुर मेडिकल कालेज में पहली बार सामने आए इस तरह के मामले ने जहां कालेज की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं।
वहीं जूनियर छात्रों में रैगिंग का भय भी साफ नजर आ रहा है। हालांकि रैगिंग को लेकर हर साल शिक्षण संस्थानों में कमेटियंा बनाई जाती हैं और एडमिशन के समय में पूरे संस्थानों में एंटी रैगिंग के सलोगन चस्पा किए जाते हैं, लेकिन ऐसे घटनाक्रम बताते हैं कि यह महज एक खानपूर्ति है और धरातल की सच्चाई कुछ और ही होती है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि कालेज प्रबंधन जांच को किस हद तक आगे बढ़ाता है। उधर इस घटना को लेकर कॉलेज प्रबंधन पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है।

