चंबा के भटियात क्षेत्र के सांझी नाला स्थित मालकवाल काली माता मंदिर में मणिमहेश यात्रियों की सेवा के लिए एक माह तक विशाल लंगर लगाया गया है। मंदिर कमेटी और आसपास की पांच पंचायतों के सहयोग से श्रद्धालुओं के लिए सुबह से रात तक भोजन, ठहरने और नाश्ते की व्यवस्था की गई है। राधा अष्टमी के बाद भी चार दिन तक लंगर जारी रहेगा।
चम्बा – भूषण गुरुंग
जिला चंबा के भटियात क्षेत्र का बॉर्डर कहलाने वाला सांझी नाला में स्थित मालकवाल के पास बना काली माता मंदिर में हर वर्ष के भांति यहां काली माता मंदिर कमेटी के और से पूरे एक माह तक मणिमहेश यात्रियों के लिए लंगर की व्यवस्था की जाती है। इस साल 1 सितंबर से लेकर राधा अष्टमी तक मणिमहेश में आने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए के विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।
काली माता मंदिर कमेटी के प्रधान करण धीर ने बताया कि उनके कमेटी में 15 सदस्य जुड़े हुए हैं और उसके अलावा आसपास के लगभग पांच पंचायत के लोगों का उनका पूरा सहयोग है। जिसके कारण हर वर्ष मणिमहेश यात्रियों के लिए पूरा एक महीने का लंगर लगाया जाता था।
यह मंदिर इतना बड़ा है कि जो भी मणिमहेश में आने जाने श्रद्धालु है उनके लिए रात को सोने और खाने के अलावा सुबह नहाने के बाद नाश्ते का भी व्यवस्था की गई है यहां पर श्रद्धालुओं के लिए सुबह से रात तक हर दिन भोजन की व्यवस्था की गई है।
राधा अष्टमी के बाद मंदिर कमेटी की ओर से चार दिन तक श्रद्धालुओं के लिए लंगर का आयोजन किया जाएगा। सुबह शाम स्थानीय महिलाओं के द्वारा भजन कीर्तन किया जाता है। 22 तारीख रात को अंतिम दिन में महामाई के जागरण के साथ अगले दिन सुबह हवन पूजन और कंजक पूजन के बाद मनिमहेश यात्रा का समापन किया जाएगा।

