हिमाचल में पिता का कर्ज चुकाने के लिए कंपनी से लाखों रुपए लेने के बाद कर्मचारी छुट्टी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया।
सिरमौर – नरेश कुमार राधे
भरोसे के आधार पर एक कंपनी ने अपने कर्मचारी की पिता के कर्ज का बोझ कम करने के लिए लाखों रुपए की आर्थिक मदद की, लेकिन कुछ समय बाद वह घर जाने के नाम पर कंपनी से दूर होता गया और फिर वापस काम पर नहीं लौटा। करीब 15 महीने तक रकम वापस आने का इंतजार करने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
जांच आगे बढ़ी तो कर्मचारी गुजरात में एक निजी कंपनी में काम करता मिला। कालाअम्ब पुलिस की टीम गुजरात पहुंची और उसे पकड़ लिया। इसके बाद कंपनी और अन्य न कर्मचारियों की रकम 24 घंटे के भीतर वापस कर दी गई।
मामला कालाअम्ब की नामी औद्योगिक इकाई से जुड़ा है। लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अखिल महेश्वरी के अनुसार कोलकाता से ताल्लुक रखने वाला एक कर्मचारी वर्ष 2021 से कंपनी के साथ जुड़ा था। वह मेहनत से काम करता रहा और धीरे-धीरे उसने कंपनी का विश्वास हासिल कर लिया।
इसी दौरान उसने कंपनी प्रबंधन को बताया – कि उसके पिता पर करीब साढ़े 8 से 9 लाख रुपए का लोन है और वह तनख्वाह से अपने पिता की मदद नहीं कर पा रहा है। कर्मचारी ने कहा कि यदि लोन की कुछ रकम कम हो जाए तो ईएमआई का बोझ घट जाएगा। कर्मचारी की बात सुनने के बाद कंपनी प्रबंधन ने उसे आर्थिक मदद के तौर पर एक बड़ी रकम उपलब्ध करवाई।
कर्मचारी ने बैंक से संबंधित कोलोन का स्क्रीनशॉट कंपनी को दिखाया और बाद में लोन की राशि कम होने की जानकारी भी दी। कुछ ही दिनों बाद कर्मचारी ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की बात शुरू कर दी। उसके बाद उसने कहा कि उसे एक बार घर जाना है। कंपनी ने उसे घर जाने की अनुमति दे दी। कर्मचारी ने कहा कि वह 10 से 12 दिन में वापस आ जाएगा, लेकिन घर गए हुए करीब एक महीना बीत गया।
कंपनी की ओर से संपर्क किए जाने पर भी वह स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा था। करीब 2 महीने बाद कर्मचारी ने कहा कि अब वह कंपनी में काम करने का इच्छुक नहीं है और रकम लौटाने की बात कही। करीब 15 महीने बाद कर्मचारी ने कंपनी की टीम से कथित तौर पर कहा कि पैसे के लेन-देन का मामला कोर्ट का है और उसे बार-बार फोन कर परेशान न किया जाए। उसके बाद कंपनी ने कालाअम्ब पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई।
जांच आगे बढ़ी तो कंपनी के अन्य कर्मचारियों ने भी प्रबंधन और पुलिस को बताया कि उक्त कर्मचारी उनसे भी पैसे ले चुका है। उसके बाद अन्य कर्मचारियों की ओर से भी शिकायत दर्ज करवाई गई। पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए कर्मचारी की लोकेशन ट्रेस की।
लोकेशन के आधार पर पता चला कि वह गुजरात में एक निजी कंपनी में काम कर रहा था। इसके बाद पुलिस टीम गुजरात पहुंची। गुजरात पुलिस ने भी हिमाचल पुलिस का सहयोग किया और संबंधित कर्मचारी को पकड़ लिया गया।
एसपी सिरमौर एनएस नेगी के बोल
एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि गुजरात पहुंची पुलिस टीम ने संबंधित व्यक्ति को पकड़ कर कंपनी व कर्मचारियों की राशि वापस करवाई गई। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कर्मचारी ने अपने पिता से बातचीत की।
उसके बाद 24 घंटे के भीतर कंपनी और अन्य कर्मचारियों की रकम वापस कर दी गई। रकम वापस मिलने के बाद कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारी के खिलाफ आगे किसी प्रकार की कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।

