हिमाचल प्रदेश में नर्सों की भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में बड़ा ऐलान किया है। सरकार अब नर्सों की भर्ती आउटसोर्स आधार पर नहीं करेगी। इससे नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार की तैयारी कर रहे युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में विधान सभा के मॉनसून सत्र का आज 5वां दिन है और सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हो गई है। कार्यवाही के दौरान बुधवार को ऑउटसोर्स भर्तियों को लेकर सदन में चर्चा हो रही है।
चर्चा के दौरान सीएम सुक्खू ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब प्रदेश में नर्सों की भर्ती आउटसोर्स पर नहीं की जाएगी और टेस्ट के आधार पर नियमित भर्ती होंगी। सीएम ने प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न के जवाब में सदन में ऐलान किया। सदन में आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमतीकरण और कोविड के बाद कुछ कर्मचारियों को नौकरी से हटाने का मुद्दा गूंजा।
उद्योग मंत्री के सिफारिश के आधार पर आउटसोर्स पर नियुक्ति देने के बयान के मामले में करसोग से बीजेपी विधायक दीप राज ने सरकार से प्रश्न पूछा और सीएम ने प्रश्न के जवाब में सदन में कहा– ये नीति पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के समय से चल रही है। आउटसोर्स कर्मचारी कंपनियों के माध्यम से लगाए जाते हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने पर विचार चल रहा है।
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष के जवाब में सदन में कहा–आपको एक ठेकदार से परेशानी है, जो आपके विधानसभा क्षेत्र में है, मैं उनसे कह दूंगा कि आपको परेशान न करे, आउटसोर्स पर भर्ती के लिए भी पद विज्ञापित होते हैं, एम्पनेलमेंट पूर्व सरकार के समय से हुई, हमने छुटपुट बदलाव किए हैं।
कोविड के बाद जिसे निकाल दिया गया है, चाहे वो बीजेपी कार्यकर्ता भी है, उसे भी आउटसोर्स पर नियुक्ति दी जाएगी। सीएम ने सदन में कहा–भर्तियों पर किसी की भी सिफारिश नहीं चलेगी, चाहे वो मंत्री है या विधानसभा स्पीकर ही क्यों न हो। मैरिट के साथ कोई समझौता नहीं सरकार करेगी। मैरिट के आधार पर ही नौकरी दी जाएगी।
बीजेजी विधायक हंसराज ने सदन में कहा–आउटसोर्स पर भर्ती संविधान की मूलभावना के खिलाफ है और ये संविधान के समानता के अधिकारी की उल्लंघना करता है। इस पर पॉलिसी सरकार बना ही नहीं सकती है। इस भर्ती में क्या आप आरक्षण लागू कर सकते हैं?

