हिमाचल विधानसभा में हिमकेयर-सहारा योजना और आउटसोर्स भर्तियों के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गए। BJP ने सरकार पर निशाना साधा, जबकि कांग्रेस ने महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। हंगामे के बीच विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन भी सदन के बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव देखने को मिला। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और हाथों में तख्तियां लेकर गंभीर आरोप लगाए।
विपक्ष ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।
भाजपा ने हिमकेयर और सहारा योजना को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इन योजनाओं को कमजोर या बंद किए जाने से गरीब और जरूरतमंद लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हुई हैं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमकेयर योजना से प्रदेश के लाखों लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा था और इसकी जानकारी प्रदेश के बच्चे-बच्चे को थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार इस योजना को बंद कर प्रदेशवासियों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा से वंचित कर रही है। जयराम ठाकुर ने सत्ता पक्ष के प्रदर्शन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार को अभी से विपक्ष में बैठने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में प्रदेश की जनता कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर देगी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन आऊटसोर्स भर्तियों के मुद्दे पर सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआऊट कर दिया।
विपक्ष ने सरकार पर आऊटसोर्स भर्तियों में जमकर भाई-भतीजावाद करने और चहेतों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सदन की कार्यवाही के दौरान यह विवाद तब शुरू हुआ, जब भाजपा विधायक विक्रम सिंह ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र में आऊटसोर्स भर्तियों को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन भर्तियों में भारी भेदभाव किया जा रहा है और केवल चहेतों को नौकरियां बांटी जा रही हैं। विक्रम ठाकुर के इस आरोप के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए, जिससे सदन में भारी हंगामा खड़ा हो गया।
सदन से वॉकआऊट करने के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बाहर मीडिया से बातचीत में सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आऊटसोर्स एजैंसियां और कंपनियां सीधेतौर पर कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारों के नाम पर पंजीकृत की गई हैं।
इन्हीं कंपनियों के जरिए धड़ल्ले से भाई-भतीजावाद के आधार पर नौकरियां बांटी जा रही हैं। जयराम ठाकुर ने यह भी दावा किया कि खुद उद्योग मंत्री ने अपने चुनाव क्षेत्र में 600 लोगों को नौकरी देने की बात स्वीकार की है, जो इस भाई-भतीजावाद का स्पष्ट प्रमाण है।
महंगाई और बेरोजगारी पर कांग्रेस का पलटवार
वहीं, सत्ता पक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष पर देश और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि देश में लगातार बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर विपक्ष को चर्चा करनी चाहिए, लेकिन इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ आगामी चुनाव लड़ेगी और भाजपा को सत्ता में वापसी के सपने देखना बंद कर देना चाहिए।
विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन भी सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। ऐसे में सत्र के आगामी दिनों में भी दोनों पक्षों के बीच सियासी टकराव और बढ़ने के आसार हैं।

