चम्बा – भूषण गुरुंग
जिला चंबा के बनीखेत का ऐतिहासिक पद्दर मैदान इन दिनों बदहाली का शिकार है। मैदान की खराब हालत से स्थानीय युवा खिलाड़ियों में भारी रोष है। खिलाड़ियों का आरोप है कि मेला समाप्त हुए करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन मैदान को अभी तक खेल गतिविधियों के लिए तैयार नहीं किया गया है।
मैदान में जगह-जगह गड्ढे, जमा बारिश का पानी और खड़े वाहन खिलाड़ियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। खिलाड़ियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द मैदान की हालत नहीं सुधारी गई तो वे संबंधित कार्यालयों का घेराव करने को मजबूर होंगे।
बनीखेत के पद्दर मैदान की बदहाली को लेकर स्थानीय खिलाड़ियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। खिलाड़ियों का कहना है कि ऐतिहासिक भुरू नाग देवता मेले के आयोजन से करीब एक सप्ताह पहले ही मैदान को खेल गतिविधियों के लिए बंद कर दिया गया था। इससे युवाओं का नियमित अभ्यास और खेल गतिविधियां प्रभावित हुईं है!
खिलाड़ियों के मुताबिक मेला समाप्त हुए करीब दो महीने का समय बीत चुका है, लेकिन मैदान की हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। मैदान में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं, कई स्थानों पर वाहन खड़े किए जा रहे हैं और बारिश के बाद पानी जमा होने से मैदान और भी खराब हो गया है। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए यहां अभ्यास करना मुश्किल हो गया है।
खिलाड़ियों का कहना है कि मैदान उनके लिए केवल एक खेल मैदान नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने का प्रमुख केंद्र है। लंबे समय से मैदान के दोबारा खेल योग्य होने का इंतजार कर रहे खिलाड़ियों में अब प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है
खिलाड़ियों ने चंबा के चौगान मैदान का उदाहरण देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के बाद चौगान मैदान को स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए समय रहते तैयार कर दिया गया। लेकिन बनीखेत के पद्दर मैदान की लगातार अनदेखी की जा रही है। खिलाड़ियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मैदान की मरम्मत, गड्ढों को भरने और जलभराव की समस्या दूर करने की मांग की है।
खिलाड़ियों ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द पद्दर मैदान को खेल गतिविधियों के लिए दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे संबंधित कार्यालयों का घेराव करने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि खिलाड़ियों की इस मांग पर प्रशासन कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।

