चम्बा – भूषण गुरुंग
‘पापा…ये क्या कर रहे हो, नीचे बहुत पानी है…’ यह उस मासूम की आखिरी पुकार थी, जो अपने पिता से उसे पुल से नीचे न फेंकने की गुहार लगा रहा था। लेकिन आरोप है कि पिता ने बच्चे की एक नहीं सुनी और उसे पुल से रावी नदी की तेज लहरों में गिरा दिया। इसके बाद नदी में बच्चे के गिरने की तेज आवाज सुनाई दी और वह उफनती रावी में समा गया।
घटना के बाद जब आरोपी पिता से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने कथित तौर पर बताया कि बच्चा आखिरी समय तक उसे रोकता रहा था। वह नीचे गहरे पानी को देखकर डरा हुआ था और बार-बार पिता से ऐसा न करने की बात कह रहा था। इसके बावजूद आरोपी ने उसे पुल से नीचे गिरा दिया।
इस घटना ने लोगों को भीतर तक झकझोर दिया है। जिस पिता की उंगली पकड़कर मासूम दुनिया को समझ रहा था, उसी पर उसकी सुरक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी। लेकिन पुलिस के अनुसार उसी पिता पर अपने बच्चे को नदी में गिराने का गंभीर आरोप है।
पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार बच्चा पुल पर ही अपने पिता से नीचे न ले जाने की बात कह रहा था। उसे नीचे बह रहे गहरे पानी का डर था। मासूम की पुकार के बावजूद आरोपी ने कथित तौर पर उसे नदी में धकेल दिया। घटना का यह विवरण सामने आने के बाद हर कोई स्तब्ध है।
मासूम के लिए पिता उसका सबसे सुरक्षित सहारा होता है, लेकिन इस मामले में उसी रिश्ते पर सबसे गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस के समक्ष आरोपी द्वारा घटना के बारे में बताई गई बातें बेहद परेशान करने वाली हैं। पूछताछ में उसने बच्चे के आखिरी पलों का जिक्र किया। हालांकि घटना के पीछे की पूरी वजह और आरोपी की मानसिक स्थिति समेत अन्य पहलुओं की जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मासूम की आखिरी पुकार और उसके बाद नदी में गिरने की आवाज इस घटना की सबसे दर्दनाक याद बन गई है। घटना ने चंबा ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। बच्चे की तलाश और हादसे से संबंधित अन्य कार्रवाई भी पुलिस की ओर से की जा रही है।

