कामगार कल्याण बोर्ड की योजना न होती तो शायद नहीं बनता हमारा मकान’, दिहाड़ी-मजदूरी करने वाली सोनू और उनके बेटे का मकान बनाने का सपना हुआ साकार, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड ने दिए 1.30 लाख रुपये, श्रमिकों को मकान निर्माण, चिकित्सा और शिक्षा सहित 13 योजनाओं से लाभान्वित करता है बोर्ड
हिमख़बर डेस्क
भवन निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों में दिहाड़ी-मजदूरी करके अपना गुजर-बसर करने वाले श्रमिक दूसरों के लिए तो बड़े-बड़े आलीशान भवनों का निर्माण करते हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश श्रमिक जिंदगी भर अपने लिए अच्छा मकान नहीं बना पाते हैं।
ऐसे श्रमिकों के दर्द को समझते हुए ही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इनके लिए मकान निर्माण हेतु हिमाचल प्रदेश भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से आर्थिक मदद का प्रावधान किया है।
इसी योजना के कारण ही आज नादौन उपमंडल के दंगड़ी क्षेत्र के गांव भलंू की श्रमिक सोनू कुमारी और उनके बेटे अभिषेक का मकान बनाने का सपना पूरा हो रहा है।
दिहाड़ी-मजदूरी करके अपना परिवार चला रही सोनू कुमारी कई वर्षों से पक्का मकान बनाने की सोच रही थी। अब उसका बेटा अभिषेक भी दिहाड़ी-मजूदरी करके कमाने लग गया था, लेकिन उनका मकान बनाने का सपना साकार नहीं हो पा रहा था।
हिमाचल प्रदेश भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण करवाने के बाद इन्हें बोर्ड की कई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिली। इन योजनाओं में गृह निर्माण अनुदान योजना भी शामिल है।
सोनू और अभिषेक ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन कर दिया। इस आवेदन के बाद उन्हें मकान निर्माण के लिए 1.30 लाख रुपये की धनराशि मंजूर भी हो गई।
कामगार कल्याण बोर्ड से प्राप्त आर्थिक मदद और अपने घर की थोड़ी-बहुत बचत की राशि से उन्होंने मकान का कार्य आरंभ कर दिया। अब इनका यह मकान तैयार भी हो गया है।
अभिषेक और उनकी माता सोनू कुमारी ने बताया कि अगर कामगार कल्याण बोर्ड की यह योजना नहीं होती तो उनका मकान बनाने का सपना शायद केवल सपना ही बनकर रह जाता।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का बार-बार आभार व्यक्त करते हुए अभिषेक और उनकी माता सोनू कुमारी कहती हैं कि कामगार कल्याण बोर्ड की सभी 13 कल्याणकारी योजनाएं श्रमिकों तथा उनके परिजनों के लिए बहुत बड़ा सहारा साबित हो रही हैं।
यह बोर्ड श्रमिकों को मकान निर्माण, चिकित्सा सहायता, बच्चे के जन्म से लेकर, शिक्षा और विवाह के लिए आर्थिक सहायता, पेंशन, दिव्यांगता पेंशन, श्रमिक की मृत्यु पर आर्थिक मदद और कई अन्य सुविधाओं के अलावा श्रमिक के अपने विवाह के लिए भी वित्तीय मदद प्रदान करता है।
चाहे श्रमिक के बच्चे का जन्म हो या उसकी शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण या विवाह, मकान निर्माण हो या बीमारी का इलाज, अथवा जीवन में कोई अन्य आपात परिस्थिति, इन सभी कार्यों के लिए कामगार कल्याण बोर्ड भरपूर आर्थिक मदद प्रदान करता है।
उधर, बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह ठाकुर ने बताया कि गत वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कामगारों को कुल 7,47,57,793 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि बोर्ड ने इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश भर के कामगारों के लिए 211.47 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट मंजूर किया है, जिससे हजारों पात्र एवं जरुरतमंद कामगार लाभान्वित होंगे।

