हिमखबर डेस्क
मां वैष्णो देवी के चमत्कार के बाद अब बद्रीनाथ के पावन धाम में भी बड़ा चमत्कार देखने को मिला है। यहां पांच साल से लापता युवक को फिर से अपना खोया परिवार मिल गया है। चमोली पुलिस ने पांच साल से लापता एक युवक को न केवल सुरक्षित बचाया, बल्कि बुधवार को उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर परिवार को फिर से एक कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते दिनों बद्रीनाथ पुलिस को सूचना मिली थी कि माणा गांव के ऊपर खतरनाक पहाड़ी रास्तों की ओर एक विक्षिप्त अवस्था में युवक बढ़ रहा है। संभावित अनहोनी को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित थाने लाया।
युवक अपनी पहचान स्पष्ट नहीं बता पा रहा था, लेकिन पुलिस और अभिसूचना इकाई ने धैर्यपूर्वक बातचीत और काउंसलिंग के जरिए महत्वपूर्ण सुराग जुटाए, जिनमें ‘राजस्थान’ का उल्लेख सामने आया। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए युवक के परिजनों का पता लगा लिया।

सूचना मिलने पर परिजन बुधवार को बद्रीनाथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका बेटा करीब पांच साल पहले घर से लापता हो गया था और उन्होंने उसके जीवित होने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। परिजनों के आने तक बद्रीनाथ पुलिस ने युवक की पूरी देखभाल की।
पुलिसकर्मियों ने उसे नहलाया-धुलाया, बाल और दाढ़ी कटवाकर उसका हुलिया संवारा तथा अपने निजी खर्च से नए कपड़े उपलब्ध कराए। साथ ही उसका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। नई जिंदगी की शुरुआत के प्रतीक के रूप में पुलिस टीम युवक को बद्री विशाल के दर्शन कराने भी लेकर गई। जब परिजन बद्रीनाथ पहुंचे तो माहौल भावुक हो उठा।
आंसुओं से भीग गया माहौल
पांच साल बाद बेटे को जीवित देख माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। आर्थिक रूप से कमजोर परिजनों ने बताया कि वे यहां आने के लिए भी उधार लेकर पहुंचे थे और उनके पास वापस लौटने के लिए पर्याप्त धन नहीं था।
परिजनों की इस स्थिति को देखते हुए थानाध्यक्ष बद्रीनाथ नवनीत भंडारी और उनकी टीम ने आपसी सहयोग और ट्रस्ट की मदद से धनराशि एकत्रित की तथा परिवार के सुरक्षित वापस राजस्थान लौटने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की।
भावुक परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि उनके लिए बद्री विशाल ने पुलिस के रूप में साक्षात दर्शन दिए हैं।

