हिमखबर डेस्क
प्राचीन सिद्धपीठ श्री बगलामुखी मंदिर बनखंडी में माता श्री बगलामुखी देवी की जयंती पर श्री बगुलामुखी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा और हजारों श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। जयंती के अवसर पर माता श्री बगलामुखी के दरबार को रंग-बिरंगे फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया।

सुबह 4 बजे से ही मां के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की लम्बी-लम्बी कतारें लग गई। ऐसी मान्यता है कि माता की जयंती पर मंदिर में हवन करवाने का विशेष महत्व है जिससे कष्टों का निवारण होने के साथ-साथ शत्रु भय से भी मुक्ति मिलती है।
माता बगलामुखी चिंता निवारक, संकट नाशिनी हैं। देवी बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं और स्तंभन की देवी हैं। संपूर्ण ब्रह्मांड की शक्ति का समावेश हैं। माता बगलामुखी की उपासना शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद विवाद में विजय के लिए की जाती है। माता बगलामुखी को नौ देवियों में 8वां स्थान प्राप्त है। माता की उत्पत्ति ब्रह्मा द्वारा आराधना करने के बाद हुई थी।

