हिमखबर डेस्क
सोलन शहर की मधुबन कॉलोनी में रोहड़ू के एक छात्र की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने शूलिनी विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है। छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक दबाव बनाने के आरोप में मंगलवार को मामला दर्ज किया गया था।
ताजा अपडेट के अनुसार, मृतक के पास से मिली डायरी और सुसाइड नोट को अब फॉरेंसिक जांच के लिए जुन्गा लैब भेज दिया गया है, जिससे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। इस बीच विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का आक्रोश भी देखने को मिला। छात्रों ने प्रदर्शन कर विवि प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। घटना के दो दिन बाद तक मामला शांत था, लेकिन कैंपस में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद यह मामला तूल पकड़ गया।
एसपी सोलन टी. एस.डी. वर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और विश्वविद्यालय प्रबंधन से भी पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक नितिन शूलिनी विश्वविद्यालय का छात्र था और उसका प्लेसमेंट एक कंपनी के माध्यम से किया गया था।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि नितिन को प्लेसमेंट के समय 50 हजार रुपए वेतन का आश्वासन दिया गया था, जबकि उसे मात्र 18-20 हजार रुपए ही दिए जा रहे थे। साथ ही, उससे कंपनी में झाड़ू-पोछा जैसे कार्य भी करवाए जा रहे थे। छात्रों के अनुसार, शिकायत के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
बताया जा रहा है कि इन परिस्थितियों के चलते नितिन मानसिक तनाव में था। 27 मार्च को उसने अपने माता-पिता को आखिरी बार फोन कर “अपना ध्यान रखना” कहा और इसके बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा किए गए 100 प्रतिशत प्लेसमेंट के दावे भी पूरे नहीं किए गए। फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है।

